गाजीपुर में अतीत का हिस्सा बन जाएगा 143 साल पुराना गाजीपुर घाट रेलवे स्टेशन, शुरू हुआ नया स्टेशन
गाजीपुर घाट रेलवे स्टेशन का 143 साल पुराना ऐतिहासिक भवन अब अतीत का हिस्सा बन जाएगा, जिसे सोमवार से ढहाना ...और पढ़ें

गाजीपुर में 143 साल पुराने रेलवे स्टेशन भवन का ध्वस्तीकरण शुरू, नई पहचान।
HighLights
143 साल पुराना गाजीपुर घाट स्टेशन भवन ध्वस्त किया जा रहा।
जर्जर भवन की जगह नया स्टेशन 100 मीटर दूर चालू है।
यह ऐतिहासिक स्टेशन ब्रिटिश काल और व्यापार से जुड़ा था।
जागरण संवाददाता, गाजीपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के ऐतिहासिक पुराने गाजीपुर घाट रेलवे स्टेशन का पुराना भवन अब अतीत का हिस्सा बन जाएगा। वर्ष 1883 में स्थापित इस स्टेशन के 143 साल पुराने भवन को रेलवे ने सोमवार से बैकहो लोडर से ढहाना शुरू कर दिया।
इसके साथ ही रेल विरासत से जुड़ी एक पुरानी पहचान मिट जाएगी। कभी यात्रियों की आवाजाही और अपनों से मुलाकात का गवाह रहा यह भवन अब इतिहास के पन्नों में सिमट जाएगा।
पुराना घाट रेलवे स्टेशन लंबे समय से जर्जर अवस्था में था। वर्ष 2024 में पुराने स्टेशन से करीब 100 मीटर की दूरी पर नए स्टेशन का निर्माण कर उसे चालू कर दिया गया। इसके बाद पुराने स्टेशन के मुख्य भवन को बंद कर दिया गया था। उपयोग बंद होने के बाद भवन धीरे-धीरे वीरान होता गया और आखिरकार रेलवे ने उसे ध्वस्त करने का र्ग्णय किया।
पुराने स्टेशन का इतिहास अंग्रेजी शासनकाल से जुड़ा है। यह स्टेशन कभी अफीम कारखाने और व्यापार की गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण था। समय के साथ इस स्टेशन ने क्षेत्र के लोगों की यात्रा और आवागमन में अहम भूमिका निभाई।
मुख्य भवन के ध्वस्तीकरण से स्थानीय लोगों की पुरानी यादें भी जुड़ी हैं। कभी यात्रियों की चहल-पहल और ट्रेनों की आवाजाही से गुलजार रहने वाला परिसर अब बीते दौर की याद दिलाएगा। हालांकि, पुराने स्टेशन के स्थान पर करीब 100 मीटर दूर आधुनिक सुविधाओं वाला नया स्टेशन संचालित हो रहा है।
बोले अधिकारी
आइओडब्ल्यू कमलेश कुमार ने बताया कि पुराना भवन जर्जर हो चुका था। नया भवन बनकर चालू होने के बाद पुराने भवन की आवश्यकता नहीं रह गई थी। इसी कारण उसे ध्वस्त किया जा रहा है।
ताड़ीघाट-गाजीपुर-मऊ रेल परियोजना में किया था विस्तार
प्रधानमंत्री मोदी व तत्कालीन रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा के प्रयास से गंगा पर रेल सह रोड ब्रिज बनने से रेल ढांचे के विस्तार से क्षेत्र की कनेक्टिविटी को भी नई दिशा मिली है। दिलदारनगर-ताड़ीघाट-गाजीपुर रेल लाइन विस्तारीकरण से गाजीपुर-बलिया-छपरा रेल मार्ग को हावड़ा-कोलकाता मुख्य रेलमार्ग से जोड़ने की दिशा में प्रगति हुई है।
