जागरण संवाददाता, गाजीपुर : शासन की महत्वाकांक्षी मिनी सचिवालय योजना में भी घोर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण जिले के 1238 पंचायत भवन में 715 ही अभी तक मिनी सचिवालय में परिवर्तित हो सके हैं। शेष सभी ग्राम पंचायतों में अभी निर्माण चल रहा है, जबकि दिसंबर के अंत तक ही सभी को कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन अभी तक 523 पंचायत भवन का निर्माण ही पूरा नहीं हो सका है। इतना ही नहीं जितना मिनी सचिवालय में परिवर्तित हो चुके हैं, उसमें भी कुछ की साज सज्जा अभी अधूरी है।

प्रत्येक गांवों में सामुदायिक शौचालय और पंचायत भवन शासन की महत्वाकांक्षी योजना में शामिल रही। पंचायत भवन के निर्माण के बाद उसे मिनी सचिवालय में परिवर्तित करना था और उसी तरह उसकी साज-सज्जा भी करनी थी। प्रत्येक पंचायत भवन को इंटरनेट से लैस करने के साथ ही, कुर्सी, मेज, आलमारी, कंप्यूटर लगाने के साथ रंगाई-पोताई करनी थी। लगभग सभी पंचायत भवन निर्माण के लिए शासन स्तर से धनराशि भी अवमुक्त करा दी गई, लेकिन लापरवाही आलम यह है कि 523 पंचायत भंवन अभी अधूरे हैं।

मिलेगी कई सुविधाएं

इस मिनी सचिवालय से पैन कार्ड, आधार कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, राशन कार्ड, आधार कार्ड आदि प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा अपने गांव में बैठे ही खसरा-खतौनी प्राप्त कर सकेंगे। अब जब अभी पंचायत भवन बन नहीं सका तो यह सुविधा भी कहां से कोई प्राप्त कर सकेगा। कंप्यूटर, कुर्सी, टेबल, आलमारी व कंप्यूटर खरीदने सहित साज सज्जा के लिए भी अलग से धनराशि दी जानी है। वर्जन

715 पंचायत भवन मिनी सचिवालय में परिवर्तित हो चुकी हैं, इसमें कुछ ही जहां कंप्यूटर नहीं है, जिसे शीघ्र ही उपलब्ध करा दिया जाएगा। वहीं जो पंचायत भवन अभी अधूरे हैं, वहां काम तेजी से चल रहा है। शीघ्र ही पूरा करा दिया जाएगा।

- कुमार अमरेंद्र, डीपीआरओ।

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