जागरण संवाददाता, गाजीपुर: कथित तौर पर रिश्वत लेने वाली स्टाफ नर्स को अधिकारियों ने क्लीन चीट दे दिया है। दो बार अलग-अलग एसीएमओ की टीम द्वारा जांच कराने के बाद वायरल वीडियो को गलत बताकर पुन: मुहम्मदाबाद सीएचसी पर ही तैनात कर दिया गया, जबकि जांच के दौरान सीएमओ द्वारा स्थानांतरण सुभाखरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कर दिया गया था।

सीएचसी पर तैनात स्टाफ नर्स द्वारा तीमारदार से रिश्वत लेने का वीडियो वायरल करीब तीन सप्ताह पूर्व हुआ था। इसके बाद हरकत में आई उच्चाधिकारियों की टीम ने आनन-फानन टीम का गठन कर जांच शुरू कर दिया। जांच के दौरान ही सीएमओ डा. जीसी मौर्या ने तत्काल स्टाफ नर्स का स्थानांतरण सुभाखरपुर सीएचसी कर दिया। दो बार हुई जांच में टीम द्वारा क्लीन चीट मिलने पर स्थानांतरण रद्द करते हुए पुन: मुहम्मदाबाद सीएचसी पर ही तैनात करने का निर्देश जारी कर दिया गया।

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परिजन दर्ज करा चुके हैं मुकदमा

करीब दो माह पूर्व इसी स्टाप नर्स पर एक प्रसव पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाया था कि प्रसव होने के बाद प्रसूता की हालत गंभीर बनी हुई थी। इसके बाद भी रुपये की मांग उसने शुरू कर दी। आरोप लगा था कि मांग के अनुसार पैसा नहीं दे पाने पर लापहरवाही से प्रसूता की मौत हो गई। इस मामले में पीड़ित परिजनों की ओर से स्टाप नर्स के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था।

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अलग-अलग एसीएमओ व प्रशासनिक अधिकारी की टीम द्वारा पूरे मामले की जांच कराई गई। वायरल वीडियो की जांच व पूछताछ के बाद टीम द्वारा दी गई रिपोर्ट में बताया गया कि स्टाफ नर्स द्वारा किसी सामान के लिए पैसा दिया गया था उसी पैसे को वापस लेने को वायरल किया गया था। जांच अधिकारी द्वारा दिए गए रिपोर्ट पर क्लीन चीट देकर पुन: मुहम्मदाबाद सीएचसी पर ही तैनात कर दिया गया है।

- डा. जीसी मौर्या, सीएमओ

Posted By: Jagran