विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गाजीपुर के संतोष कुशवाहा को मिलेगा राज्य अध्यापक पुरस्कार शिक्षा और खेल में उत्कृष्ट योगदान

By Avinash Singh Edited By: Abhishek sharma
Published: Mon, 31 Aug 2026 07:18 PM (IST)

गाजीपुर के उच्च प्राथमिक कन्या विद्यालय मनिहारी के सहायक अध्यापक संतोष कुशवाहा को राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए चुना गया ...और पढ़ें

शिक्षक दिवस के अवसर पर पांच सितंबर को लखनऊ में सम्मानित किया जाएगा

शिक्षक दिवस के अवसर पर पांच सितंबर को लखनऊ में सम्मानित किया जाएगा

HighLights

  1. संतोष कुशवाहा राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए चयनित।

  2. स्काउटिंग, खेलकूद, विज्ञान में उत्कृष्ट कार्य।

  3. 5 सितंबर को लखनऊ में होंगे सम्मानित।

जागरण संवाददाता, गाजीपुर। बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेश के 61 शिक्षक-शिक्षिकाओं का राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए चयन किया गया है। इसमें उच्च प्राथमिक कन्या विद्यालय मनिहारी के सहायक अध्यापक और स्काउट मास्टर संतोष कुशवाहा का भी चयन हुआ है।

उन्हें शिक्षक दिवस के अवसर पर पांच सितंबर को लखनऊ में सम्मानित किया जाएगा। जिले से तीन शिक्षकों ने पुरस्कार के लिए आवेदन किया था, लेकिन संतोष कुशवाहा का ही चयन हो सका। कंपोजिट विद्यालय हथौड़ी देवकली के शिक्षक विपिन कुमार शुक्ला और सैदपुर के राम जीत यादव चयन से वंचित रह गए।

संतोष कुशवाहा ने स्काउटिंग, खेलकूद, विज्ञान और दिव्यांग बच्चों के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। स्काउटिंग में उनके निर्देशन में अब तक 35 बच्चों को स्काउट गाइड का राज्य पुरस्कार मिल चुका है। हर वर्ष उनके विद्यालय के किसी न किसी बच्चे का चयन राज्य पुरस्कार के लिए होता है।

खेलकूद में उनकी खो-खो और विशेष प्रदर्शन टीम मंडल स्तर तक पहुंच चुकी है। आगरा में आयोजित दिव्यांग हैंडबाल प्रतियोगिता में उनके निर्देशन में अंश और शरद ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि गाजियाबाद में दोनों ने रजत पदक हासिल किया।

शिक्षक संतोष कुशवाहा ने बताया कि उनके निर्देशन में आठ बच्चों का चयन इंस्पायर अवार्ड के लिए हो चुका है। वह राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के जिला समन्वयक हैं और स्पेशल ओलंपिक भारत से भी जुड़े हुए हैं। विज्ञान जिज्ञासा कार्यक्रम के तहत उनके विद्यालय की छात्राओं प्रतिमा और अंजलि का चयन हुआ है। अपनी उपलब्धि का श्रेय उन्होंने जिला स्काउट मास्टर श्रीकांत सिंह, अश्विनी कुमार राय समेत अन्य शिक्षकों को दिया।