गाजीपुर में 5362 विद्यालयों में स्वच्छता की परीक्षा, 3762 ने अब तक नहीं पूरा किया रजिस्ट्रेशन
गाजीपुर के 5362 विद्यालयों को 'स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग' के तहत अपनी स्वच्छता और हरियाली का रिपोर्ट कार्ड तैयार करना होगा। यह प्रक्रिया सभी विद्यालयों के लिए अनिवार्य है।

यह फोटो एआई टूल की मदद से बनाई गई है।
HighLights
गाजीपुर के 5362 विद्यालयों को SHVR रेटिंग अनिवार्य।
स्वच्छता, हरियाली पर 60 सवालों का देना होगा जवाब।
अब तक 1600 विद्यालयों ने ही कराया पंजीकरण।
जागरण संवाददाता, गाजीपुर। जिले के 5362 विद्यालयों को अब अपनी स्वच्छता, हरियाली और पर्यावरणीय व्यवस्था का रिपोर्ट कार्ड तैयार करना होगा। ‘स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग’ (एसएचवीआर-2026-27) के तहत प्रत्येक विद्यालय को पंजीकरण कर 60 सवालों का जवाब देना है और हर जवाब के समर्थन में संबंधित गतिविधि या व्यवस्था का फोटो भी पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
अभी करीब 1600 विद्यालयों ने पंजीकरण कराया है, जबकि बड़ी संख्या में विद्यालय प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके हैं। शासन की ओर से सभी विद्यालयों के लिए इसमें भाग लेना अनिवार्य किया गया है।
जिले में 2266 बेसिक शिक्षा परिषद, 997 माध्यमिक और कक्षा एक से आठ तक के 1800 तथा 299 माध्यमिक के निजी विद्यालय इस प्रक्रिया में शामिल हैं। अब तक पंजीकृत विद्यालयों में करीब 900 ने लॉगिन किया है और 905 विद्यालयों ने प्रक्रिया पूरी की है। विभाग के अनुसार निजी विद्यालयों की सहभागिता अपेक्षाकृत कम है। शासन स्तर से इसकी नियमित समीक्षा की जा रही है।
जवाब के साथ देना होगा व्यवस्था का प्रमाण
एसएचवीआर में विद्यालयों से स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण सहित विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी मांगी जा रही है। प्रत्येक सवाल के जवाब के बाद संबंधित व्यवस्था का फोटो अपलोड करना होगा। इसके आधार पर विद्यालय को अलग-अलग बिंदुओं पर अंक दिए जाएंगे।
प्राप्त अंकों के आधार पर विद्यालय की रेटिंग तय होगी और एसएचवीआर प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल रेटिंग देना नहीं, बल्कि विद्यालयों में स्थायी रूप से स्वच्छ और बेहतर वातावरण विकसित करना है।
शत-प्रतिशत सहभागिता का निर्देश
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने खंड शिक्षा अधिकारियों, संकुल प्रभारियों और प्रधानाध्यापकों को शेष विद्यालयों का पंजीकरण और स्व-मूल्यांकन जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी विद्यालयों को अपनी वास्तविक स्थिति पोर्टल पर दर्ज करनी है।
जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और हरियाली के साथ विद्यार्थियों में स्वच्छता व पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी विकसित करना भी इस पहल का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए हैं।
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