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गाजीपुर में अब बस्ते के बिना हुनर सीखेंगे बच्चे, अगस्त से नवंबर तक होंगे 10 बैगलेस डे

Published: Tue, 18 Aug 2026 10:41 PM (IST)

गाजीपुर के परिषदीय उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत 2026-27 सत्र से 10 बैगलेस डे ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. 2026-27 सत्र से 10 बैगलेस डे होंगे आयोजित।

  2. स्थानीय कला, शिल्प, विज्ञान, तकनीक से जुड़ेंगे बच्चे।

  3. मिट्टी के खिलौने से एआई-रोबोटिक्स तक सीखेंगे।

जागरण संवाददाता, गाजीपुर। अब परिषदीय उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में पढ़ाई सिर्फ किताब-कॉपी तक सीमित नहीं रहेगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विद्यार्थियों को स्थानीय कला, शिल्प, विज्ञान, तकनीक, व्यवसाय और पर्यावरण से जोड़ने के लिए शैक्षिक सत्र 2026-27 में 10 बैगलेस डे आयोजित किए जाएंगे।

माह के अलग-अलग शनिवार को होने वाली इन गतिविधियों में बच्चे मिट्टी से खिलौने बनाने से लेकर बैंकिंग, स्थानीय उद्योगों का भ्रमण, विज्ञान प्रयोग, फोटोग्राफी और एआइ-रोबोटिक्स तक सीखेंगे। इसके लिए जिले के 779 उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों को कुल 50.635 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की ‘आनंदम्’ मार्गदर्शिका के अनुसार बैगलेस डे का उद्देश्य बच्चों को बस्ते के बोझ से अलग आनंदमय और अनुभवात्मक शिक्षा देना है। गतिविधियों के जरिए उनमें कौशल विकास, नेतृत्व, आत्मविश्वास, समस्या समाधान और श्रम की गरिमा की समझ विकसित की जाएगी।

स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और विशेषज्ञों को भी गतिविधियों से जोड़ा जा सकेगा। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की सहभागिता और अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश हैं।

किस दिन क्या सीखेंगे बच्चे

  • 22 अगस्त : मिट्टी से खिलौना, मूर्ति व कलाकृति निर्माण अथवा स्थानीय कुम्हार-शिल्पकार की कार्यशाला।
  • 29 अगस्त : औषधीय पौधों का उद्यान, कंपोस्ट-वर्मी कंपोस्ट या कला-शिल्प प्रदर्शनी।
  • 12 सितंबर : जल संरक्षण, वर्षाजल संचयन, मृदा परीक्षण व किचन गार्डन।
  • 19 सितंबर : स्वास्थ्य-स्वच्छता, चाइल्ड सेफ्टी, सिलाई-डिजाइन, कठपुतली व जैविक खेती।
  • 26 सितंबर : पतंग निर्माण, सरल विज्ञान प्रयोग व एसटीइएम माडल।
  • तीन अक्टूबर : मिनी बैंक, वित्तीय साक्षरता, उद्यमिता और बैंक-डाकघर आदि का भ्रमण।
  • 10 अक्टूबर : डूडलिंग, भित्ति चित्र, संगीत, नृत्य व नाटक।
  • 17 अक्टूबर : फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, ऐतिहासिक स्मारक व सार्वजनिक कार्यालयों का भ्रमण।
  • 24 अक्टूबर : सार्वजनिक अवसंरचना, स्थानीय उद्योग व कारीगर इकाइयों का अध्ययन।
  • 31 अक्टूबर : एआइ, रोबोटिक्स, स्क्रैच कोडिंग, ड्रोन व सेंसर तकनीक का परिचय।
  • 14 नवंबर : बैगलेस डे की गतिविधियों पर बाल मेले का आयोजन होगा।

प्रति विद्यालय 6500 रुपये

बैगलेस डे की गतिविधियों के लिए प्रत्येक उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालय को अधिकतम 6500 रुपये मिलेंगे। इससे मिट्टी, रंग, चार्ट, हस्तशिल्प सामग्री, पौधे, बीज, विज्ञान व एसटीइएम सामग्री, कला सामग्री, स्थानीय विशेषज्ञों की सेवाएं, आवश्यक स्थानीय परिवहन और प्रदर्शनी सामग्री पर खर्च किया जा सकेगा। परीक्षा पड़ने पर संबंधित गतिविधि अगले शनिवार को कराई जाएगी।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने बताया कि बैगलेस डे का उद्देश्य बच्चों को किताबों से अलग वास्तविक जीवन और स्थानीय परिवेश से जोड़कर सीखने का अवसर देना है। गतिविधियों का चयन विद्यालय अपने स्थानीय संसाधनों और बच्चों की रुचि के अनुसार कर सकेंगे।

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