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बिहार से आता कच्चा माल… सिंचाई विभाग के पुराने कमरे में चलती थी फैक्ट्री, भनक लगते ही पहुंची पुलिस ताे खुला गहरा रहस्य

Published: Wed, 23 Sep 2026 11:31 PM (IST)

गाजीपुर पुलिस और स्वाट टीम ने जमानियां में सिंचाई विभाग के पुराने कमरे में चल रही अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया।

पुलिस लाइन में बदमाशो को मीडिया के समक्ष पेश कर जानकारी देते पुलिस अधीक्षक डाॅ. ईरज रजा। जागरण

पुलिस लाइन में बदमाशो को मीडिया के समक्ष पेश कर जानकारी देते पुलिस अधीक्षक डाॅ. ईरज रजा। जागरण

HighLights

  1. जमानियां में सिंचाई विभाग के पुराने कमरे में अवैध असलहा फैक्ट्री पकड़ी गई।

  2. पुलिस ने नौ तमंचे, अर्द्धनिर्मित हथियार और उपकरण बरामद किए, तीन गिरफ्तार।

  3. बिहार से कच्चा माल लाकर हथियार बनाए जाते थे, नेटवर्क की जांच जारी।

जागरण संवाददाता, गाजीपुर। जमानियां पुलिस और स्वाट टीम ने बुधवार को सिंचाई विभाग के पुराने कमरे पर छापेमारी कर तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया। मौके से 315 बोर के नौ तमंचे, चार अर्द्धनिर्मित हथियार और 32 बोर का अर्द्धनिर्मित रिवाल्वर बरामद हुआ। इसके अलावा पांच जिंदा कारतूस, एक खोखा, हथियार बनाने के उपकरण व बड़ी संख्या में पुर्जे मिले। पुलिस अब पूछताछ के आधार पर इस धंधे से जुड़े पूरे नेटवर्क और हथियारों की सप्लाई का पता लगाने में जुटी है।

यह है पूरा मामला

एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि जमानियां कोतवाली प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक अश्वनी प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक मनोज मिश्र और स्वाट बी टीम प्रभारी उपनिरीक्षक शिवमणि त्रिपाठी टीम के साथ पांडेयपुर मोड़ पर चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि पुलिया के पास सिंचाई विभाग के पुराने कमरे में कुछ लोग तमंचे बना रहे हैं।

टीम ने घेराबंदी कर तीनों को पकड़ लिया। उनकी पहचान सोईलापुर भूतहिया ताड़ निवासी पन्ना लाल बिंद, ताजपुर निवासी मनोज कुमार राय उर्फ चंपी राय और सकरा निवासी सोनू बिंद के रूप में हुई। तलाशी में 315 बोर के नौ तमंचों के अलावा इसी बोर के तीन अर्द्धनिर्मित तमंचे, 12 बोर का एक अर्द्धनिर्मित तमंचा और 32 बोर का अर्द्धनिर्मित रिवाल्वर मिला।

पिस्टल व तमंचों की बाडी, बट, नाल, ट्रिगर गार्ड, हैमर सहित अन्य पुर्जे और उन्हें तैयार करने के औजार भी बरामद हुए। एक मोटरसाइकिल भी पुलिस ने कब्जे में ली है। जमानियां थाने में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

सोनू बिंद पर पहले से दर्ज हैं 18 मुकदमे

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सकरा निवासी सोनू बिंद का आपराधिक इतिहास वर्ष 2017 से दर्ज है। वर्ष 2018 में चोरी का माल रखने, जालसाजी व धोखाधड़ी तथा 2019 में डकैती, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के मामले दर्ज हुए। दिसंबर 2019 में वह 25 हजार रुपये का इनामी भी रहा और तमंचा-कारतूस के साथ पकड़ा गया था।

वर्ष 2022 और 2023 में भांवरकोल थाने में डकैती, गैंगस्टर, चोरी और हत्या के प्रयास के मुकदमे दर्ज हुए। नंदगंज में एनडीपीएस एक्ट का मामला भी है। पुलिस के अनुसार कोतवाली, भांवरकोल और नंदगंज में उसके खिलाफ कुल 18 पुराने मुकदमे दर्ज हैं।

बिहार से कच्चा माल, आसपास के जिलों में सप्लाई

एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि शातिर अपराधी बिहार समेत विभिन्न स्थानों से असलहा और उसका कच्चा माल लाकर यहां हथियार तैयार व माडिफाई कर रहे हैं। इलेक्ट्रानिक और मैनुअल सर्विलांस के जरिए आरोपितों को चिन्हित किया गया। पूछताछ में हथियार बनाने, कच्चा माल जुटाने और उन्हें बेचने से जुड़ी अहम जानकारियां मिली हैं।

बिहार के कुछ इलाकों में पुलिस की टीमें भेजी गई हैं और आसपास के जनपदों में सप्लाई की भी जांच हो रही है। एसपी ने बताया कि बरामद अवैध तमंचों की बाजार कीमत सामान्यतः पांच से 10 हजार रुपये तक होती है। उन्होंने कार्रवाई करने वाली दोनों टीमों को पुरस्कृत करने की बात कही। साथ ही कहा कि पूरे सिंडिकेट की कड़ियां खंगाली जा रही हैं और इससे जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।