घुटने में दिमाग सुना है? गाजीपुर मेडिकल कालेज के अस्पताल ने सच साबित कर दिया, घुटने की जगह अपलोड कर दी ब्रेन रिपोर्ट
गाजीपुर मेडिकल कॉलेज में एक गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहां मरीज राजू मिश्रा के घुटने की एमआरआई के बजाय ...और पढ़ें

गाजीपुर मेडिकल कॉलेज की बड़ी चूक घुटने की एमआरआई में अपलोड हुई दिमाग की रिपोर्ट। (AI Image)

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जागरण संवाददाता, गाजीपुर। घुटने में दिमाग की कहावत तो सभी ने सुनी होगी लेकिन एक जिम्मेदार अस्पताल ने इसे सही साबित कर मजाक बना दिया है। पूरा मामला गाजीपुर जिले के महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) का है।
इस अस्पताल के 300 बेड अस्पताल में एमआरआइ रिपोर्ट आनलाइन गलत अपलोड कर दी गई गई। मनिहारी द्वितीय से भाजपा मंडल महामंत्री राजू मिश्रा की घुटने की जांच के दौरान आनलाइन पोर्टल पर गलती से किसी अन्य जांच (ब्रेन एमआरआइ) की रिपोर्ट अपलोड हो गई। हालांकि गलती सामने आने के बाद पता चलने पर मरीज के घुटने की मूल रिपोर्ट जारी की गई।
पहोटिया उर्फ सरौली निवासी राजू मिश्रा ने 29 सितंबर 2026 को 3500 का शुल्क जमा कर अस्पताल में अपने घुटने की एमआरआइ करवाई थी। जांच के बाद मरीज को घुटने की फिल्म दे दी गई, लेकिन आनलाइन पोर्टल पर पर्ची संख्या 5527 के रिकार्ड में ब्रेन प्लेन एमआरआइ (MRI Brain Plain) की रिपोर्ट दर्ज हो गई।
अस्पताल की इस गंभीर लापरवाही के बारे में जब मरीज अपनी रिपोर्ट लेकर आर्थोपेडिक सर्जन डा. के.के. यादव के पास पहुंचा, तो फिल्म घुटने की और रिपोर्ट ब्रेन की होने का मामला सामने आया। मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रोफेसर आनंद मिश्रा ने बताया कि अस्पताल में एमआरआइ रिपोर्ट ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से प्राप्त होती है।
बताया गया कि जांच केंद्र पर संभवतः एक ही नाम के दो मरीज होने या ऑनलाइन फीडिंग के दौरान साफ्टवेयर स्तर पर यह चूक गलती से हुई। इस तकनीकी गड़बड़ी की जांच कराई जा रही है। संबंधित एजेंसी से भी जवाब-तलब किया गया है। हालांकि प्रकरण वायरल होने के बाद भी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आ सकी है।
