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गाजीपुर में विद्युत संविदाकर्मी की ट्रांसफॉर्मर ठीक करते समय मौत, ग्रामीणों ने जाम किया सड़क

Published: Sat, 04 Jul 2026 03:11 PM (IST)

गाजीपुर के अहलादपुर में ट्रांसफॉर्मर ठीक करते समय संविदाकर्मी लाइनमैन धर्मेंद्र यादव की बिजली के चपेट में आने से मौत ...और पढ़ें

खानपुर: सड़क जाम कर रहे ग्रामीणों से मिलने जाते एसडीएम, तहसीलदार, सीओ सैदपुर।

खानपुर: सड़क जाम कर रहे ग्रामीणों से मिलने जाते एसडीएम, तहसीलदार, सीओ सैदपुर।

HighLights

  1. खानपुर में ट्रांसफॉर्मर ठीक करते समय लाइनमैन की मौत।

  2. आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर किया विरोध प्रदर्शन।

  3. दोषियों पर कार्रवाई, मृतक की पत्नी को नौकरी की मांग।

जागरण संवाददाता, खानपुर (गाजीपुर)। अहलादपुर में ट्रांसफॉर्मर ठीक करते समय संविदाकर्मी लाइनमैन धर्मेंद्र यादव उर्फ वकील की मौत हो गयी। बहुरा निवासी लाइनमैन धर्मेंद्र यादव (27) पुत्र रामअवध की मौत के बाद ग्रामीणों ने बिहारीगंज चंदवक सड़क पर खानपुर पावर हाउस के सामने दो घंटे तक सड़क जाम कर दिया।

सड़क जाम की सूचना से सीओ सैदपुर, कोतवाल सैदपुर, बहरियाबाद, सादात और खानपुर के एसओ राजीव पांडेय भीड़ को नियंत्रित करते रहे। धर्मेंद्र यादव पिछले दस साल से खानपुर विद्युत उपकेंद्र पर सहायक लाइनमैन के रूप में कार्य करते थे।

शनिवार को तेतारपुर फीडर की रोस्टिंग के बाद पेट्रोलिंग कर विद्युत आपूर्ति चालू किया गया। ठीक उसी समय अहलादपुर प्राथमिक विद्यालय के पास सड़क किनारे ट्रांसफार्मर ठीक करने के लिए पोल पर चढ़े धर्मेंद्र यादव बिजली की चपेट में आ गए। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गयी।

खानपुर उपकेंद्र पर करीब साढ़े नौ बजे एसएसओ नागेंद्र यादव और कृष्णकांत के ड्यूटी बदलने के दौरान यह दुर्घटना हुई है। लाइनमैन धर्मेंद्र की मौत के बाद उनके गांव बहुरा से सैकडों की संख्या में ग्रामीण खानपुर पावर हाउस पहुच गए।

धर्मेंद्र के चचेरे भाई बीडीसी रामानुज यादव ने एसएसओ और अन्य लाइनमैन पर षडयंत्र कर जान से मारने का आरोप लगाते हुए सड़क जाम कर दिया। खानपुर थाना से मात्र सौ मीटर की दूरी पर दो घंटे तक सड़क पर शव रखकर जाम किया गया था।

 एसडीएम सैदपुर ज्योति चौरसिया, सीओ रामकृष्ण तिवारी और भाजपा के वरिष्ठ नेता रामतेज पांडेय, ग्रामप्रधान बहुरा कैलाश यादव ग्रामीणों की मांग मानते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया। स्वजनों की मांग थी कि दोषी कर्मचारी को सजा दिया जाय और मृतक की पत्नी को नौकरी पर रखा जाय।

शासन की ओर से बच्चों की परवरिश के लिए आर्थिक सहायता भी दिया जाय। मृत लाइनमैन धर्मेंद्र की पत्नी राधिका अपनी पुत्री श्रेयशी के साथ बीस दिन के नवजात पुत्र को गोंद में लेकर दहाड़े मार रोने लगी। खानपुर उपकेंद्र के जेई सूर्यनाथ ने बताया कि फोन पर शट डाउन नहीं दिया जाता है।

शट डाउन के लिए बाकायदा लिखित रूप से आग्रह किया जाता है। इसके बाद उसी लाइनमैन के संस्तुति पर दुबारा विद्युत आपूर्ति बहाल की जाती है। अप्रशिक्षित संविदाकर्मी धर्मेंद्र यादव लाइनमैन के सहायक के रूप में कार्यरत थे। अप्रशिक्षित कर्मचारियों को शट डाउन देने का कोई प्रावधान नही है।

इस मामले में कहां गलती हुई है जांच किया जा रहा है। मृतक धर्मेंद्र के प्रति विभागीय संवेदना है और उन्हें विभाग और कर्मचारियों की ओर से हर संभव सहायता किया जाएगा।

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