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गाजीपुर में चकबंदी पर बड़ा अपडेट, दो महीने के भीतर निस्तारित होंगे लंबित मामले, डीएम ने दिया निर्देश

Published: Thu, 24 Sep 2026 01:00 AM (IST)

गाजीपुर में चकबंदी न्यायालयों में लंबित 5307 वादों में से पांच वर्ष से अधिक पुराने 647 मामलों को दो माह में निपटाने का लक्ष्य रखा गया है।

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HighLights

  1. गाजीपुर में 647 पुराने चकबंदी वाद दो माह में निपटेंगे।

  2. कुल 5307 चकबंदी वाद विभिन्न न्यायालयों में लंबित हैं।

  3. 22 गांवों में चकबंदी प्रक्रिया की ग्रामवार समीक्षा की गई।

जागरण संवाददाता, गाजीपुर। चकबंदी की प्रक्रिया वर्षों तक खिंचने से ग्रामीणों की जमीन से जुड़े विवाद लंबित न रहें, इसके लिए प्रशासन ने अब पुराने वादों के निस्तारण पर जोर दिया है। जिले के विभिन्न चकबंदी न्यायालयों में लंबित 647 ऐसे वाद, जो पांच वर्ष से अधिक पुराने हैं, उन्हें विशेष अभियान चलाकर दो माह में निस्तारित करने का लक्ष्य तय किया गया है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के साथ गुणवत्ता बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए हैं। ग्रामों में समय-समय पर ग्राम अदालत लगाकर भी वादों के निस्तारण को प्राथमिकता देने को कहा गया है।

अधिकारियों को वादों के निस्तारण का आदेश

जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में बुधवार को चकबंदी कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। इसमें बताया गया कि जिले के विभिन्न चकबंदी न्यायालयों में कुल 5307 वाद विचाराधीन हैं। इनमें पांच वर्ष से अधिक पुराने 647 वाद हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि इन मामलों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और दो माह में सभी पुराने वादों का गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहते हुए आईजीआरएस, विभिन्न पटलों और मुख्यमंत्री संदर्भों का भी समय से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें।

22 गांवों की ग्रामवार समीक्षा

बैठक में चकबंदी प्रक्रिया के तहत वर्तमान में शामिल 22 गांवों की ग्रामवार समीक्षा की गई। इनमें ताजपुर मांझा प्रथम चक्र, पहाड़पुर खुर्द, मुंढियार व गन्नापुर, मखदूमपुर, शेरपुर ढोटारी, रूहीपुर, गोपीनाथपुर व तरांव (खानपुर), बेमुआ, जगदीशपुर व बघांव तथा मौधियां, बबुरा, सकरा, भैरोपुर, बद्धोपुर, तरांव (सैदपुर), दरवेपुर व तिलसड़ा शामिल हैं।

हटवार मुरार सिंह व दशवंतपुर में का प्रकाशन पूरा हो चुका है। तिलसड़ा और दरवेपुर में उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश के कारण प्रभावित चकबंदी कार्य को लेकर भी प्रभावी पैरवी के निर्देश दिए गए, ताकि स्थगन समाप्त कराया जा सके।

जिलाधिकारी ने शेष गांवों में चकबंदी कार्यवाही पारदर्शी, समयबद्ध और गुणवत्तापरक ढंग से पूरा कराने के साथ दो से तीन वर्ष में चकबंदी कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया। बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी रमजान बख्श, अपर जिलाधिकारी वेद सिंह चौहान आदि शामिल रहे।