जागरण संवाददाता, गाजीपुर: गंगा के तटवर्तीय क्षेत्रों में औद्यानिक विकास ''नमामि गंगे'' योजनान्तर्गत बागवानी रोपण के लिए गंगा तटवर्तीय क्षेत्र में 200 हेक्टेयर का चयन करना है। इसके लिए किसानों को प्रथम आवक-प्रथम पावक के आधार पर योजना का लाभ दिया जाएगा। इसमें किसानों को बागवानी रोपण में कलमी आम, अमरूद, आंवला, बेल, बेर, शरीफा व कागजी नीबू के पौधों का रोपण करना होगा। किसानों को तीन माह में जीवितता बनाए रखने के लिए प्रोत्साहन राशि 36 महीने तक दी जाएगी।

इस योजना के माध्यम से गंगा के तटवर्ती गांवों को हरा भरा किया जाएगा। इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी उद्यान विभाग को दी गई है। जनपद के गंगा किनारे के छह ब्लाकों के 75 गांवों को इस योजना का लाभ मिलेगा। प्रति हेक्टेयर फसलवार पौधों की संख्या निर्धारित कर दी गई है। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को आन लाइन आवेदन करना होगा।

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लाभार्थी कृषकों के चयन के लिए पात्रता:

जिला उद्यान अधिकारी डा. शैलेंद्र दुबे ने बताया कि किसान के पास इस योजना का लाभ लेने के लिए न्यूनतम 0.20 तथा अधिकतम एक हेक्टेयर भूमि बागवानी के लिए होनी चाहिए। उसके पास अपने सिचाई का साधन होना चाहिए। बाग में रोपित पौधों की सुरक्षा की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। किसान का आनलाइन पंजीकरण उद्यान विभाग की वेबसाइट पर किया जाएगा। आवेदन की हार्ड कापी के साथ किसान खतौनी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ के साथ 10 रुपये के स्टांप पेपर पर नोटरी शपथ पत्र कार्यालय में जमा करना होगा। प्रत्येक किसान के बाग का भौतिक निरीक्षण विभागीय कार्मिकों एवं गठित टास्क फोर्स करेगी। सत्यापन में पौधों को सौ फीसद जिदा होना चाहिए। तभी प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम बैंक खाते में भेजी जाएगी।

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इन ब्लाकों के गंगा के तटवर्ती गांव सम्मिलित

सैदपुर, करंडा, रेवतीपुर, भदौरा, मुहम्मदाबाद, भांवरकोल

Edited By: Jagran