जागरण संवाददाता, गाजीपुर : गंगा नदी के खतरे का निशान पार करने के बाद अन्य नदियों ने भी अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। इससे तटवर्ती क्षेत्रों के कई गांव बाढ़ से घिर गए हैं और खानपुर क्षेत्र में पानी एनएच-29 के पार पहुंच गया है। इससे प्रभावित लोगों सहित जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। गंगा नदी के खतरे का निशान 63.105 है लेकिन बुधवार की दोपहर दो बजे तक जलस्तर 63.180 मीटर पहुंच गया था। अभी भी गंगा का जलस्तर चार घंटे में एक सेमी बढ़ रहा है। उधर गांगी नदी भी इस बार उफान पर आ गई है और नंदगंज क्षेत्र में फसलों को जलमग्न करना शुरू कर दिया है। कुतुबपुर गांव का बारा-रेवतीपुर मार्ग से सम्पर्क टूट गया है। सैदपुर क्षेत्र में गोमती नदी ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। क्षेत्र की फसलें डूबने लगी हैं। जिलाधिकारी के. बालाजी ने बुधवार को प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।

---

इंजन चालित बड़ी नाव की

व्यवस्था का निर्देश

सैदपुर : जिलाधिकारी के. बालाजी ने बुधवार को गोमती नदी के बाढ़ से प्रभावित गौरी, गोरखा, तेतारपुर व बहुरा गांव का जायजा लिया। उनके साथ एसडीएम शिशिर कुमार यादव भी थे। वहां पहुंचकर डीएम ने देखा कि गौरी गांव को तेतारपुर से जोड़ने वालीसड़क पर पानी भर गया है, जिससे लोगों का आवागमन बाधित हो गया है। गौरहट गांव की हालत और बदतर है। यहां गांव तक जाने वाली इकलौती सड़क पर घुटने तक पानी होने से लोगों को परेशानी हो रही है। यह देख डीएम ने एसडीएम सैदपुर शिशिर कुमार को निर्देशित किया कि यदि आज भी जलस्तर बढ़ता है तो बड़ी इंजन चालित नाव लगवा दिया जाए। साथ ही कल छोटी इंजन चालित नाव लगवाने का निर्देश दिया। उन्होंने पशु चिकित्सक व स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों से गांवों में संक्रामक बीमारियों के संबंध में जानकारी ली। चिकित्सक ने बताया कि मेट्रोजील, पैरासीटामाल आदि दवाइयां वितरित कर दी गई है। दवाइयां खत्म हो गई थी मंगवाने की व्यवस्था की जा रही है। गौरी व तेतारपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय पर बाढ़ चौकी बनाई गई जहां लेखपाल तैनात हैं। ग्रामप्रधानों व ग्रामीणों से भी डीएम ने हालात का जायजा लिया। गंगा नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ाव होने से तटवर्ती इलाके पटना, औड़िहार, सैदपुर नगर, फुलवारी, रावल, देवचंदपुर आदि गांवों में दुश्वारियां बढ़ गई है। तटवर्ती इलाके में रहने वाले लोगों ने स्थान बदलना शुरू कर दिया है। स्थायी रूप से रखे गए अपने सामानों को लोग हटाने में जुट गए हैं। खेतों में खड़ी कई बीघा फसल डूब गयी हैं।

---

एसडीएम ने बाइक से लिया जायजा

डीएम के साथ आए एसडीएम शिशिर कुमार यादव ने बहुरा गांव से तेतारपुर तक बाइक से जाकर जायजा लिया। उन्होंने लोगों को आवश्यक सुझाव दिया और अपना मोबाइल नंबर भी दिया। कहा कि किसी को कोई परेशानी होती तो सीधे हमसे बात कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि बहुरा से तेतारपुर जाने वाली ¨लक सड़क पर अभी पानी नहीं आया है। इसी सड़क से लोग आ जा रहे हैं।

---

गांगी ने डुबोई फसल

नंदगंज : स्थानीय क्षेत्र में गांगी नदी ने इस वर्ष पहली बार अपने तलहटी से ऊपर उठकर अपने अगल-बगल की फसलों को डुबोना शुरू कर दिया है। इससे बरहपुर, बेलासी, बेलसड़ी व हरखौली आदि गांवों के किसानों की नदी के तलहटी के पास बोए गए बाजरा, चरी व अरहर की फसल वाली खेतों में पानी भर गया है। पानी के बढ़ाव को देखते हुए इन गांव के किसान फसलों को काटकर पशुओं के चारे के रूप में प्रयोग करना शुरु कर दिए हैं। पचारा से बरहपुर गांगी नदी पुल तक आने वाले खड़ंजा मार्ग पर भी पानी आ गया है। यदि पानी का बढ़ाव इसी तरह जारी रहा तो इस मार्ग पर आवागमन बंद हो जाएगा।

---

औड़िहार-वाराणसी रेल लाइन

के समीप पहुंची गंगा

खानपुर : क्षेत्र में गोमती नदी का पानी तेजी से बढ़ने से तटवर्ती गांव के लोग परेशान हैं। तेतारपुर, गौरहट, गौरी, खरौना के गांवों में बाढ़ का पानी घर के दरवाजे तक पहुंच गया है। हैंडपंपों का पानी मटमैला हो गया है। विवश होकर लोग वहीं पानी पीने को मजबूर हैं। पानी घर तक आने की वजह से गाय व भैंसों को बाढ़ के पानी में रखना मजबूरी हो गई है। सबसे अधिक परेशानी शौचालय की हो रही है। तेतारपुर और गौरहट में जाने वाली एक मात्र सड़क पर पानी पहुंच गया है। महिलाओं व बच्चों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। वाराणसी गाजीपुर राष्ट्रीय राज मार्ग-29 को पार करके गंगा नदी का पानी औड़िहार वाराणसी रेल लाइन के समीप पहुंच गई है। सैकड़ों एकड़ खेती जलमग्न होने से किसान परेशान हैं।

Posted By: Jagran