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बिग बास से स्टार प्रचारक तक, 31 चेहरों के सहारे बिछाया था 400 करोड़ की ठगी का जाल

By Suryakant TripathiEdited By: Abhishek sharma
Published: Fri, 16 Oct 2026 07:13 PM (IST)

गाजीपुर में ममतांजलि सर्विस सॉल्यूशंस और अंजलि ग्रुप ने 400 करोड़ रुपये की ठगी की है। इस गिरोह ने 31 ...और पढ़ें

गाजीपुर में 400 करोड़ की ठगी का खुलासा: बिग बॉस से स्टार प्रचारक तक, 31 चेहरों ने बिछाया जाल।

गाजीपुर में 400 करोड़ की ठगी का खुलासा: बिग बॉस से स्टार प्रचारक तक, 31 चेहरों ने बिछाया जाल।

HighLights

  1. ममतांजलि ग्रुप ने 400 करोड़ रुपये की ठगी की।

  2. 31 सदस्यीय कमेटी बनाकर लोगों का विश्वास जीता।

  3. आकर्षक योजनाओं से 3,500 से अधिक परिवार ठगे गए।

जागरण संवाददाता, गाजीपुर। गांव-कस्बों में निवेश के नाम पर लोगों का भरोसा जीतना और फिर उनकी गाढ़ी कमाई समेट लेना। ममतांजलि सर्विस साल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और अंजली ग्रुप पर लगे 400 करोड़ रुपये की ठगी के आरोपों के पीछे इसी तरह के नेटवर्क की कहानी सामने आ रही है।

गिरोह ने खुद को एक सामान्य कंपनी तक सीमित नहीं रखा, बल्कि लोगों के बीच प्रभाव जमाने के लिए 31 सदस्यीय मैनेजमेंट कमेटी का ढांचा खड़ा किया था। इसमें किसी को बिग बास, किसी को सुप्रीमो, तो किसी को स्टार प्रचारक बनाया गया। स्वास्थ्य, वित्त, अनुशासन, आइटी, युवा शक्ति और सांस्कृतिक मंच जैसे विभागों के पद भी बांटे गए, ताकि संगठन व्यवस्थित और प्रभावशाली नजर आए।

अक्टूबर 2024 में गाजीपुर के प्रकाश नगर, मोहम्मदाबाद और कासिमाबाद में कार्यालय खुलने के साथ इस नेटवर्क को सक्रिय किया गया। कंपनी के आंतरिक दस्तावेजों में दर्ज पदाधिकारियों की सूची बताती है कि संगठन के भीतर जिम्मेदारियों का बंटवारा किस तरह किया गया था। डा. संतोष यादव को चेयरमैन, सुनीता यादव को बिग बास, डा. ममता सूद इंदिरा को सुप्रीमो और राहुल सूद को सीईओ बनाया गया था।

स्नेहा रानी यादव को सीएफओ एवं अतिरिक्त निदेशक, संदीप यादव को वित्त और अनुसंधान-विकास तथा अन्य सदस्यों को सुरक्षा और निदेशक मंडल से जुड़ी जिम्मेदारियां दी गई थीं। नेटवर्क को व्यापक बनाने के लिए अलग-अलग वर्गों तक पहुंचने की व्यवस्था भी की गई थी। लालजी यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष (सलाहकार समिति), मनोज सिंह यादव को मैनेजिंग डायरेक्टर, राजेश सिंह यादव को अनुशासन समिति का अध्यक्ष और राम अवध सिंह यादव को वित्तीय समिति का अध्यक्ष बनाया गया।

डा. काशी यादव को स्वास्थ्य विभाग, सीमा यादव को अंजली सेना, मुकुर्धन सिंह यादव को युवा शक्ति और दया शंकर यादव को भोजपुरी एवं सांस्कृतिक मंच की जिम्मेदारी दी गई। सूची में पवन राजा का नाम स्टार प्रचारक के रूप में दर्ज है। इसके अलावा रियल एस्टेट, आइटी, वित्त, क्षेत्रीय प्रबंधन और जिला समन्वय जैसे कामों के लिए भी पदाधिकारी तय किए गए थे।

आकर्षक योजनाओं से जोड़े गए परिवार

प्रोजेक्ट तेजाब में 6.25 लाख रुपये के बदले 18 महीने में ही 45 लाख रुपये देने, शादी अनुदान और 40 प्रतिशत गोल्ड सब्सिडी जैसी योजनाओं के नाम पर लोगों को बड़े लाभ का भरोसा दिलाया गया। दावा है कि 3,500 से अधिक परिवार इस नेटवर्क के जाल में फंसे और उनसे करोड़ों रुपये जुटाए गए। मुख्य आरोपित संतोष यादव की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का दायरा उन लोगों तक पहुंच रहा है जिनके नाम मैनेजमेंट कमेटी की सूची में हैं।

आरोपित अभी न्यायिक अभिरक्षा में जेल में है, फिलहाल पुलिस कस्टडी रिमांड नहीं ली गई है। अभियुक्त की ओर से हाईकोर्ट में जमानत याचिकाएं दाखिल की गई हैं, जिस पर पुलिस की तरफ से आपत्ति दाखिल करने की प्रक्रिया चल रही है। पूछताछ में आरोपित ने मौखिक रूप से करीब सात से आठ हजार निवेशकों को जोड़ने की बात कही है, हालांकि 31 एजेंटों की कोई लिखित सूची अभी पुलिस को नहीं मिली है। आरोपित के बैंक खातों के स्टेटमेंट खंगाले जा रहे हैं, जिससे पूरे लेनदेन और पीड़ितों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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नागेंद्र प्रसाद, विवेचना अधिकारी