गाजीपुर में विदेश में नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले फर्जी काल सेंटर का पर्दाफाश
गाजीपुर में साइबर क्राइम पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले फर्जी ...और पढ़ें

गाजीपुर में विदेश नौकरी के नाम पर ठगी: फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले पिता-पुत्र गिरफ्तार।
HighLights
गाजीपुर में फर्जी विदेश नौकरी कॉल सेंटर का पर्दाफाश हुआ।
पिता-पुत्र समेत तीन आरोपी गिरफ्तार, लाखों की नकदी बरामद।
बेरोजगार युवाओं को झांसा देकर साइबर ठगी करते थे।
जागरण संवाददाता, गाजीपुर। विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से साइबर ठगी करने वाले गिरोह का साइबर क्राइम पुलिस और सर्विलांस टीम ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने फर्जी काल सेंटर संचालित करने वाले पिता-पुत्र समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 3.54 लाख रुपये नकद, दो लग्जरी कार, 10 मोबाइल, 23 सिम कार्ड, 13 एटीएम कार्ड, कंप्यूटर, लैपटाप और कलर प्रिंटर बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार गिरोह का नेटवर्क दूसरे राज्यों तक फैला था।
साइबर क्राइम थाने में दर्ज मुकदमें की जांच के दौरान गिरोह का पता चला। वादी के सीएससी खाते में साइबर अपराध से अर्जित रकम भेजकर अगस्त से सितंबर के बीच करीब 15 लाख रुपये नकद निकाल लिए गए थे। इसके बाद सीएससी समेत अन्य बैंक खाते फ्रीज और लीन होने पर उसे ठगी की जानकारी हुई।
पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा, नोडल साइबर अपराध अपर पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन और पुलिस उपाधीक्षक (साइबर अपराध) के नेतृत्व में टीम ने साक्ष्य जुटाकर आरोपितों को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपित सोहन राम दिल्ली और मुंबई में रिक्शा चालकों, सिम बेचने वालों और जरूरतमंद लोगों को 1,000 से 1,500 रुपये का लालच देकर उनके नाम पर सिम कार्ड और बैंक खाते हासिल करता था। इन खातों का इस्तेमाल म्यूल अकाउंट के रूप में किया जाता था। बाद में सिम कार्ड कूरियर के माध्यम से अपने बेटे सूर्य प्रकाश अरोरा को गाजीपुर भेजता था।
सूर्य प्रकाश गाजीपुर में फर्जी काल सेंटर संचालित करता था। गिरोह फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर विदेश में नौकरी के विज्ञापन डालता था। विज्ञापन देखकर फोन करने वाले बेरोजगार युवाओं से काल सेंटर में काम करने वाली स्थानीय युवतियां पहले बात करती थीं। इसके बाद सूर्य प्रकाश खुद बात कर उन्हें नौकरी का भरोसा देता था।
रजिस्ट्रेशन के नाम पर पांच हजार रुपये लेने के बाद बायोडाटा और पासपोर्ट नंबर लिया जाता था। इसके बाद कूटरचित जाब आफर लेटर भेजा जाता था। भरोसा कायम करने के लिए डमी फ्लाइट टिकट भी बुक कराया जाता था। इसके बाद म्यूल खातों में रकम मंगाई जाती थी। ठगी की रकम सीएससी सेंटरों पर क्यूआर कोड के माध्यम से या एटीएम से निकाली जाती थी। पुलिस के अनुसार पैसों का लालच देकर फैजल खान उर्फ सन्नी से भी रकम निकलवाई जाती थी।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों से ठगी की है। मामले से जुड़ी जानकारी गृह मंत्रालय को भी भेजी जा रही है। गिरफ्तार आरोपितों में सोहन राम (45) पुत्र वासुदेव राम निवासी सीपाह जहूराबाद, थाना बरेसर, सूर्य प्रकाश अरोरा (26) पुत्र सोहन राम निवासी ग्राम सिपाह जहूराबाद, थाना बरेसर और फैजल खान उर्फ सन्नी (29) पुत्र लीम अहमद खान निवासी कस्बा रजदेपुर, पुलिस चौकी के पास, थाना कोतवाली शामिल हैं।
बरामदगी में 3,54,300 रुपये नकद, हुंडई वरना और फोर्ड इकोस्पोर्ट्स कार, 10 विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन, 23 सिम कार्ड (एयरटेल, जियो व वीआई), 13 विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, एक कंप्यूटर सेट (सीपीयू, मानिटर, यूपीएस, की-बोर्ड व माउस), एक लैपटाप और एक कलर प्रिंटर शामिल है। दोनों कारों की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख और मोबाइल की कीमत करीब पांच लाख रुपये बताई गई है।
