जागरण संवाददाता, खानपुर (गाजीपुर) : गंगा गोमती गांगी और एकौझी नदी के तराई इलाकों में सरसों की बंपर पैदावार होने से किसानों के चेहरे खिले हैं। कुसही के सरसों उत्पादक अरविद यादव बताते हैं कि इस साल सरसों की अच्छी पैदावार होने के बाद पांच हजार रुपये प्रति क्विटल की कीमत मिल जा रही है। केंद्र सरकार ने इस वर्ष सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 4650 रुपये प्रति क्विटल घोषित किया है जो पिछली साल से 225 रुपये प्रति क्विटल ज्यादा है। बाजार में सरसों का भाव सरकारी समर्थन मूल्य से दो से तीन सौ रुपये ज्यादा है। गौरहट के किसान हरेंद्र सिंह कहते हैं कि सरसों तेल के दाम में भारी बढ़ोतरी से किसानों के घर तक आढ़ती व तेल मिल वाले पहुंच रहे हैं और सरसों खरीद ले रहे हैं। किसानों को उनके घर से 50 रुपये से 52 रुपये प्रति किलो की कीमत मिल रही है।

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