गाजीपुर में सूदखोरों के उत्पीड़न से तंग ई रिक्शा चालक ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में पांच को ठहराया जिम्मेदार
गाजीपुर में ई-रिक्शा चालक रोहित चौधरी ने सूदखोरों के उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या कर ली। उसने अपने सुसाइड नोट ...और पढ़ें

गाजीपुर में सूदखोरों के उत्पीड़न से ई-रिक्शा चालक ने दी जान सुसाइड नोट में पांच पर आरोप।
HighLights
ई-रिक्शा चालक रोहित चौधरी ने की आत्महत्या।
सूदखोरों के उत्पीड़न और कर्ज के दबाव से परेशान था।
सुसाइड नोट में पांच लोगों को ठहराया जिम्मेदार।
जागरण संवाददाता, गाजीपुर। दो दोस्तों को गारंटर बनकर सूदखोरों से डेढ़ लाख रुपये का कर्ज दिलाना रजागंज निवासी ई-रिक्शा चालक रोहित चौधरी के लिए जानलेवा साबित हुआ। कर्ज लेने के बाद दोनों दोस्त जिले से बाहर चले गए और मोबाइल बंद कर लिए। इसके बाद कर्ज देने वालों की ओर से कथित रूप से रोहित पर रकम लौटाने का दबाव बनाया जाने लगा।
आर्थिक तंगी और लगातार प्रताड़ना से परेशान रोहित ने जन्माष्टमी के दिन जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। वाराणसी के हेरीटेज अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृत्यु से पहले लिखे सुसाइड नोट में उसने पांच लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
रजागंज निवासी रोहित चौधरी ई-रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। बताया गया कि उसने अपने दो दोस्तों किशन चौधरी और सुजीत चौधरी के लिए गारंटर बनकर शहर के तीन लोगों से करीब डेढ़ लाख रुपये दिलवाए थे। रकम मिलने के बाद किशन और सुजीत जिले से बाहर चले गए और उनके मोबाइल बंद हो गए। इसके बाद कर्ज की रकम और ब्याज चुकाने का दबाव रोहित पर आने लगा।
परिजनों के अनुसार, ई-रिक्शा चलाकर होने वाली आमदनी इतनी नहीं थी कि वह ब्याज सहित रकम चुका सके। लगातार बढ़ते दबाव और कथित प्रताड़ना से वह काफी परेशान था। जन्माष्टमी के दिन दोपहर में उसने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर स्वजन उसे मेडिकल कालेज अस्पताल ले गए, जहां से चिकित्सकों ने उसे रेफर कर दिया।
इसके बाद स्वजन उसे वाराणसी के हेरिटेज अस्पताल ले गए, जहां रात में उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। रोहित अविवाहित था और दो भाइयों व चार बहनों में एक था। पुलिस को मिले सुसाइड नोट में उसने अपनी मौत के लिए दो दोस्तों और तीन सूदखोरों को जिम्मेदार बताया है। स्वजन ने इसकी शिकायत कोतवाली पुलिस से की है।
