दिल्ली से गाजीपुर आता था नशीली दवाओं का इंजेक्शन

जागरण संवाददाता, गाजीपुर : 50 लाख के नशीली दवाओं के इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों के तार दूर तक जुड़े हुए हैं। सेंट्रल ब्यूरो आफ नारकोटिक्स (सीबीएन) की पड़ताल में यह मालूम हुआ है कि नशीली दवाओं का इंजेक्शन दिल्ली और प्रदेश के एक अन्य शहर से जिले में आता था। इसमें दर्जनों लोग शामिल हैं। सीबीएस की टीम ने इस धंधे से जुड़े कई लोगों का नाम व पता खोज निकाला है। इसमें सिर्फ गाजीपुर के साथ वाराणसी व प्रदेश के अन्य शहर के नाम भी शामिल हैं, जहां दिल्ली से नशीली दवाओं का इंजेक्शन आता था। इस इंजेक्शन को ट्रांसपोर्ट करने में भी कई लोग शामिल हैं। जांच-पड़ताल में टीम इनके काफी करीब पहुंच गई है और शीघ्र ही इस प्रतिबंधित इंजेक्शन को ट्रांसपोर्ट करने वाले सीबीएन की गिरफ्त में होंगे।

सीबीएन की टीम ने न सिर्फ महीनों से गिरफ्तार तस्कर अमरदीप यादव और उसके साथी के पीछे थी, बल्कि उनकी गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद मिले सुबूत के आधार पर कार्रवाई भी कर रही है। नारकोटिक्स आयुक्त राजेश फतेह सिंह डाबरे के साथ ही प्रदेश इकाई के प्रमुख शशांक कुमार यादव, लखनऊ के अधीक्षक बीएस सिंह व निरीक्षक केके श्रीवास्तव के नेतृत्व में गठित टीमें इस कार्रवाई में जुटी हुई है। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब तक की जांच-पड़ताल में रविवार को गाजीपुर, वाराणसी के साथ प्रदेश के एक अन्य प्रमुख शहर के कुछ लोगों का नाम सामने आया, जो नशीली दवाओं के इंजेक्शन का ट्रांसपोर्ट करते थे।

यह इंजेक्शन दिल्ली और प्रदेश के एक शहर से जिले में आती थी। टीम को आशंका है कि अन्य जनपदों में इसकी सप्लाई होती थी, जिसको आधार मानकर टीम कार्य कर रही है। निरीक्षक केके श्रीवास्तव ने बताया कि इस अवैध कारोबार में एक बड़ा गैंग शामिल है, जिसके तार काफी दूर तक जुड़े हैं। जांच-पड़ताल की जा रही है। शीघ्र इसका राजफाश भी कर दिया जाएगा।

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