जागरण संवाददाता, गाजीपुर : कोरोना महामारी के माहौल में मरीजों व उनके तीमारदारों से अभद्र व्यवहार करना व आक्सीजन न होने का बहाना बनाना जिला अस्पताल के दो चिकित्सकों को महंगा पड़ा। मामला संज्ञान में आने पर डीएम मंगला प्रसाद ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों चिकित्सकों डा. रघुनंदन और डा. बृजेश राय को हटा दिया। जिला अस्पताल में डा. रघुनंदन नेत्र रोग विशेषज्ञ और डा. बृजेश राय इएमओ के पद पर तैनात थे। फिलहाल दोनों इमरजेंसी ड्यूटी कर रहे थे। डीएम ने सख्त लहजे में सभी को आदेशित किया है कि अगर किसी ने भी मरीजों व तीमारदारों के साथ अमर्यादित व्यवहार किया या फिर अफवाह फैलाईं तो उनके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी मंगला प्रसाद कोरोना के विरूद्ध चल रही लड़ाई में हर मोर्चे पर लगे हुए हैं। इसमें चिकित्सकों व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। इसी बीच डा. रघुनंदन नेत्र रोग विशेषज्ञ और डा. बृजेश राय को लेकर लगातार शिकायतें आ रही थीं। दोनों चिकित्सक चेतावनी के बाद भी नहीं सुधर रहे थे। ये मरीज व तीमारदारों के साथ ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ भी अभद्र व्यवहार करने से बाज नहीं आते थे। आए दिन उनके द्वारा यह अफवाह फैलाई जाती थी कि जिला अस्पताल में आक्सीजन नहीं है। मरीजों व उनके स्वजनों को इतना डरा देते थे कि वे परेशान हो जाते थे। शुक्रवार को अस्पताल में आक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था थी, लेकिन जो भी मरीज वहां जाता उसके स्वजनों को यह कहकर डरा देते थे कि जल्दी से आक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था करो नहीं तो कुछ भी हो सकता है। पूरे दिन ऐसा दर्जनों मरीजों के साथ किया गया। जबकि सीएमएस और सीएमओ ने भी बताया था कि आक्सीजन है, आप लोग ऐसी अफवाह न फैलाएं। जिलाधिकारी ने मामले को स्वयं संज्ञान में लिया और सच सामने आने पर दोनों को हटाने का आदेश जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डा. राजेश सिंह को दिया।

------

- इन दोनों चिकित्सकों के विरूद्ध आए दिन शिकायत मिल रही थी कि वह मरीजों व उनके स्वजनों के साथ अमर्यादित व्यवहार कर रहे हैं। आक्सीजन उपलब्ध होने पर भी न होने की अफवाह फैलाते रहते थे। इस पर दोनों के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें जिला अस्पताल से रिलीव कर दिया गया है। जो भी मरीजों के साथ उचित व्यवहार नहीं करेगा उसके विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी

- एमपी सिंह, जिलाधिकारी।