जासं, गाजीपुर : कूड़ा कचरा व नष्ट करने के लिए गए आग से निकलने वाले धुएं से परेशान लोगों अब जल्द ही राहत मिल सकती है। गाजीपुर घाट स्थित बंजारीपुर निवासी संदीप चौबे की 26 दिसंबर 2018 को दाखिल याचिका पर उच्च न्यायालय ने जिलाधिकारी के बालाजी व नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी को आदेश दिया है कि चौराहे के पास गिर रहे कूड़े पर रोक लगाने साथ उसे हटवाया जाए। साथ ही शपथ बयान हल्फी के माध्यम से अवगत भी कराया जाए। प्रदूषण को लेकर गत दिनों सख्त हुए न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश के बाद भी स्थिति जस की तस पड़ी हुई है।

गाजीपुर - जमानियां मार्ग स्थित वीर अब्दुल हमीद सेतु के पास सुखदेवपुर चौराहे से लेकर करीब तीन किलोमीटर के दायरे में सड़क की पटरियों को नगर पालिका परिषद द्वारा अस्थाई कूड़ा घर बना दिया गया है। शहर से निकलने वाला कई मीट्रिक टन सूखा व गीला कचरा गिराने के साथ आग लगा दिया जाता है। स्थिति यह हो गई है कि शहर के बाहरी इलाके में रहने वाले लोग व करीब आधा दर्जन से ऊपर गांव के ग्रामीणों व राहगीरों का जलते कूड़े से उठने वाले धुएं व दुर्गंध से जीना मोहाल हो चुका है। अधिकांश लोग धीरे-धीरे विभिन्न बीमारियों की चपेट आते जा रहे थे। इस पर रोक लगाने के लिए लोगों ने कई बार नगर पालिका परिषद प्रशासन व जिलाधिकारी से लिखित व मौखिक गुहार लगाई। जब सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने न्यायालय की शरण ली। इसकी सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने 31 जुलाई तक कूड़ा हटवाने व रोक लगाने के बाद बयान हल्फी के साथ पूरी जानकारी भी प्रस्तुत करने का आदेश डीएम व नपा ईओ को दिया है।

Posted By: Jagran

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