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गाजीपुर में ट्रामा सेंटर की व्यवस्था पर शिकायत, एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट तलब

By Avinash Singh Edited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 22 Aug 2026 04:00 PM (IST)

गाजीपुर के गोराबाजार स्थित ट्रामा सेंटर के संचालन और संसाधनों को लेकर शिकायत पर शासन ने जांच के आदेश दिए ...और पढ़ें

गाजीपुर ट्रामा सेंटर में अनियमितताओं की शिकायत पर जांच शुरू।

गाजीपुर ट्रामा सेंटर में अनियमितताओं की शिकायत पर जांच शुरू।

HighLights

  1. गाजीपुर ट्रामा सेंटर के संचालन पर शिकायत दर्ज।

  2. महानिदेशक ने मामले की जांच के निर्देश दिए।

  3. एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश।

जागरण संवाददाता, गाजीपुर। गोराबाजार स्थित ट्रामा सेंटर के संचालन और वहां उपलब्ध संसाधनों को लेकर की गई शिकायत को शासन ने गंभीरता से लिया है। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

मंडलीय अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, वाराणसी मंडल को ट्रामा सेंटर का निरीक्षण कर शिकायत में उठाए गए सभी बिंदुओं की जांच करते हुए एक सप्ताह के भीतर स्पष्ट संस्तुति सहित जांच आख्या उपलब्ध कराने को कहा गया है। शासन ने मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता और समयबद्धता के साथ निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं।

समाजसेवी मानव सेवा ट्रस्ट के प्रदुमन सिंह यादव की ओर से 22 जुलाई को महानिदेशक कार्यालय में शिकायत की गई थी। इसमें गोराबाजार ट्रामा सेंटर के निर्माण, मानव संसाधन, उपकरणों की खरीद और वर्तमान संचालन को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं।

शिकायत में कहा गया है कि ट्रामा सेंटर के भवन निर्माण के लिए शासन स्तर से प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति दी गई थी। इसके बाद मानव संसाधन के पद सृजित किए गए और चिकित्साधिकारियों व कर्मचारियों की तैनाती भी की गई।

शिकायत का प्रमुख बिंदु ट्रामा सेंटर के उपकरणों और सामग्री से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि ट्रामा सेंटर के लिए शासन से करीब तीन करोड़ एक लाख 88 हजार रुपये की धनराशि उपकरणों और साज-सज्जा की खरीद के लिए अवमुक्त की गई थी।

आरोप है कि ट्रामा सेंटर के लिए नए उपकरण खरीदने के बजाय सीएचसी और पीएचसी से उपकरण व अन्य सामग्री मंगाकर ट्रामा सेंटर में स्थापित की गई। महानिदेशक की ओर से 14 अगस्त को जारी पत्र में शिकायत की प्रति संलग्न करते हुए मंडलीय अपर निदेशक को स्वयं ट्रामा सेंटर का निरीक्षण करने और शिकायत में उल्लिखित बिंदुओं की जांच करने का निर्देश दिया गया है।

जांच रिपोर्ट में स्पष्ट संस्तुति भी मांगी गई है, ताकि प्रकरण में आगे की कार्रवाई की जा सके। शासन ने कहा है कि मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।