जासं, भांवरकोल (गाजीपुर) : क्षेत्र के पतालगंगा मंडी में बाहरी व्यापारियों के न आने से मिर्च के भाव में तेजी नहीं आ पा रही है। इन दिनों रानीपुर, मच्छटी, महेशपुर, लोहारपुर, पलियां के अलावा बलिया के सीमावर्ती उजियार, भरौली आदि गांवों के किसान अपनी मिर्च को ठेला, साइकिल व मोटर साइकिल आदि साधनों से मंडी में बिक्री के लिये ला रहे हैं। आवक की मात्रा अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद बाहरी व्यापारी नहीं आने के कारण भाव नहीं बढ़ रहे हैं। पिछले वर्ष अबतक बंगाल के तीन व्यापारी मंडी में पहुंच गये थे। मिर्च की खरीद फरोख्त स्थानीय स्तर पर होने के कारण मिर्च का भाव तेजी नहीं पकड़ रहा है। सोमवार को महीन प्रजाति के मिर्च का भाव 3800 रुपये से 4100 रुपये प्रति क्विटल तथा मोटी प्रजाति के मिर्च का भाव 3200 से 3500 रुपये प्रति क्विटल रहा जो पिछली साल की तुलना में मात्र एक हजार रुपये अधिक है जबकि यह दाम काफी अधिक होना चाहिए था। किसान धनंजय शर्मा, उपेन्द्रनाथ राय, महेन्द्र मिश्रा, संतोष शर्मा आदि ने बताया कि यदि मण्डी में बाहरी व्यापारी आ जाते तो किसानों को उनके उत्पाद का अच्छा भाव मिल जाता।

Posted By: Jagran

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