गाजीपुर में 146 साल बाद पुराने ताड़ीघाट रेलवे स्टेशन पर चला बुलडोजर
गाजीपुर में 146 साल पुराने ऐतिहासिक ताड़ीघाट रेलवे स्टेशन के मुख्य भवन को रेलवे ने ध्वस्त कर दिया है। यह ...और पढ़ें

गाजीपुर: 146 साल पुराने ताड़ीघाट रेलवे स्टेशन का ऐतिहासिक भवन ढहाया गया।
HighLights
गाजीपुर में 146 साल पुराना ताड़ीघाट स्टेशन ध्वस्त।
1880 में स्थापित, क्षेत्र की रेल विरासत का हिस्सा।
अब नया गाजीपुर घाट स्टेशन संचालित हो रहा।
जागरण संवाददाता, रेवतीपुर (गाजीपुर)
पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के ऐतिहासिक पुराने ताड़ीघाट रेलवे स्टेशन का मुख्य भवन अब अतीत का हिस्सा बन गया है। वर्ष 1880 में स्थापित इस स्टेशन के करीब 146 साल पुराने भवन को रेलवे ने बुलडोजर से ढहा दिया। इसके साथ ही क्षेत्र की रेल विरासत से जुड़ी एक पुरानी पहचान मिट गई। कभी यात्रियों की आवाजाही और अपनों से मुलाकात का गवाह रहा यह भवन अब इतिहास के पन्नों में सिमट गया है।
पुराना ताड़ीघाट रेलवे स्टेशन लंबे समय से जर्जर अवस्था में था। वर्ष 2024 में पुराने स्टेशन से करीब 100 मीटर की दूरी पर नए गाजीपुर घाट स्टेशन का निर्माण कर उसे चालू कर दिया गया। इसके बाद पुराने स्टेशन के मुख्य भवन को बंद कर दिया गया था। उपयोग बंद होने के बाद भवन धीरे-धीरे वीरान होता गया और आखिरकार रेलवे ने उसे ध्वस्त कर दिया।
पुराने स्टेशन का इतिहास अंग्रेजी शासनकाल से जुड़ा है। उपलब्ध ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार, शुरुआत में इसका नाम अंग्रेज प्रशासक टेरी के नाम पर टेरीघाट रखा गया था, जो बाद में ताड़ीघाट कहलाने लगा। यह स्टेशन कभी अफीम कारखाने और व्यापार की गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण था। समय के साथ इस स्टेशन ने क्षेत्र के लोगों की यात्रा और आवागमन में अहम भूमिका निभाई।
मुख्य भवन के ध्वस्तीकरण से स्थानीय लोगों की पुरानी यादें भी जुड़ी हैं। कभी यात्रियों की चहल-पहल और ट्रेनों की आवाजाही से गुलजार रहने वाला परिसर अब बीते दौर की याद दिलाएगा। हालांकि, पुराने स्टेशन के स्थान पर करीब 100 मीटर दूर आधुनिक सुविधाओं वाला नया गाजीपुर घाट स्टेशन संचालित हो रहा है। रेल ढांचे के विस्तार से क्षेत्र की कनेक्टिविटी को भी नई दिशा मिली है। ताड़ीघाट-दिलदारनगर रेलखंड के जरिए गाजीपुर को हावड़ा-कोलकाता मुख्य रेलमार्ग से जोड़ने की दिशा में भी प्रगति हुई है।
