जासं, सैदपुर (गाजीपुर): सैदपुर-सादात मार्ग पर हीरानंदपुर गांव में गांगी नदी पर वर्षों पहले बना पुल तीन दिनों तक हुए भारी बारिश में पश्चिम तरफ धंस गया है। इस समय नदी भी उफान पर है जिससे हादसे की आशंका बढ़ गई है। हालांकि पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा पुल के धंसे हुए हिस्से के तरफ संकेतक लगाते हुए भारी वाहनों का संचालन रोक दिया गया है।

तीन दिनों तक हुए भारी बारिश में पुल के पश्चिमी तरफ का हिस्सा धंस गया है। मिट्टी व पुल के रेलिग के बीच में होल हो गया है। रविवार की शाम उपजिलाधिकारी डा. वेदप्रकाश मिश्र व कोतवाल श्यामजी यादव ने पहुंचकर मौका मुआयना किया। इसके बाद पीडब्ल्यूडी विभाग को इसकी सूचना दी।

बारिश से गिरे दर्जन भर कच्चे मकान

दुल्लहपुर : क्षेत्र के धर्मागतपुर के डा. उदय नरायन यादव, राजेश राजभर का कच्चा मकान भरभरा कर गिर पड़ा जिससे उसमें रखा गृहस्थी का सामान नष्ट हो गया । केशरुआ गांव के केदार प्रजापति तथा सदीक अली का भी कच्चा मकान गिर गया। वहीं बद्धूपुर के नोनियापुर मौजे में रामराज राम, राजेश राम, तथा विध्याचल राम का कच्चा घर बारिश के चलते गिर गया। जखनियां : मुड़ियारी गांव के बजरंगी यादव का कच्चा मकान रविवार की रात भरभरा कर गिरने से उनके हजारों रुपये का खाद्यान्न बिस्तर नष्ट हो गया। आगापुर सानी गांव के यादव बस्ती मुसहर बस्ती में दर्जनों मकान धराशायी हो गए। तालगांव में भी आधा दर्जन मकान धाराशायी हो गए हैं। सादात : रेलवे स्टेशन के उत्तरी व दक्षिणी छोर पर अंग्रेजों के जमाने का बनी हुई रेलवे कालोनी जर्जर हो चुकी है। तीन दिन बरसात होने पर इनके घरों मे पानी भर गया। उत्तर कालोनी मे रहने वाले स्टेशन मास्टर राजनारायण कहते हैं कि सभी आवास इतने खतरनाक हैं कि कब ढह जाये कुछ कहा नहीं जा सकता है। इसकी जानकारी कई बार विभागीय अधिकारियों को लिखित दी गई हैं।

प्राथमिक विद्यालय में 40 परिवार ने ली शरण

शादियाबाद : बारिश से पूरी वनवासी बस्ती को अपने आगोश में ले लिया है। वनवासी बस्ती के 40 परिवार के लगभग डेढ़ सो लोगों को प्राथमिक विद्यालय बसेंवा पर सुरक्षित ठहराया गया है। ग्राम प्रधान जयराम सिंह ने बताया कि लोगों के खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। दोनों समय खाना बनवाया जा रहा है लेकिन प्रशासन की ओर से अभी तक कोई सहायता नहीं मिली है।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप