जासं, मनिहारी (गाजीपुर) : लगातार हो रही बारिश का कहर अब सड़कों व पुल के एप्रोच मार्ग को भी झेलना पड़ रहा है। क्षेत्र के यूसुफपुर चौरा स्थित बेसो नदी पर बने पुल का एप्रोच बारिश के रविवार को दोनों तरफ अचानक धंस गया। इससे पुल व एप्रोच मार्ग के बीच आठ फीट चौड़ी व 15 फीट गहरी खाई बन गई। इसके चलते क्षेत्र के करीब 50 गांवों का आवागमन बंद हो गया। साथ ही उनका तहसील सहित ब्लाक मुख्यालय से संपर्क भी टूट गया है। क्षेत्रीय ग्रामीणों में आक्रोश है कि निर्माण के समय अगर मानक की अनदेखी नहीं की गई होती तो ऐसा नहीं होता।

हंसराजपुर वाया नंदगंज मार्ग पर स्थित इस पुल का निर्माण करीब एक पूर्व हुआ था। इसका एप्रोच मार्ग बन रहा था तो स्थानीय ग्रामीणों ने दोनों तरफ पत्थर लगाने की मांग की। ग्रामीणों ने उसी समय चेताया था कि अगर पत्थर नहीं डाला गया तो बारिश का मौसम आते ही एप्रोच धंस जाएगा लेकिन कार्यदायी संस्था सहित संबंधित अधिकारियों ने ग्रामीणों की एक न सुनी और जैसे-तैसे एप्रोच का निर्माण पूर्ण कर दिया। इसका असर यह हुआ कि लगातार बारिश होते हुए एप्रोच धंस गया है। संबंधित महकमे की लापरवाही का आलम यह है कि पुल का एप्रोच धंसने के करीब 10 घंटे बाद तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। जिला पंचायत सदस्य रमेश यादव, हंसराजपुर व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेश जायसवाल, बीडीसी कर्मवीर सिंह सोनू, श्री टंडावीर बाबा निर्माण समिति के अध्यक्ष डा. रामरतन यादव, पंकज दुबे, पंचम सिंह, मोती यादव आदि ने चेताया है कि अगर शीघ्र इसका मरम्मत नहीं हुआ तो हम प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। वहीं पुल का एप्रोच धंसने से पथरा, खुटहन, परसोतिया, वभनौली, चौरा, हरीहरपुर, हालां, धावां आदि गांवों का संपर्क टूट गया है।

Posted By: Jagran

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