गाजीपुर में गंगा नदी में बहते बैग से मिला शव बलिया की कोमल का, प्रेमी पर हत्या का शक गहराया
गाजीपुर में गंगा नदी से मिले ट्राली बैग में युवती के शव की पहचान बलिया की कोमल गोंड़ के रूप ...और पढ़ें

गाजीपुर गंगा में मिला शव बलिया की कोमल का, प्रेमी पर हत्या का आरोप।
HighLights
गाजीपुर गंगा में ट्राली बैग में मिला शव।
मृतका की पहचान बलिया की कोमल के रूप में।
हत्या का शक परिचित भानु प्रताप तिवारी पर।
जागरण संवाददाता, गाजीपुर। मोहम्मदाबाद क्षेत्र में गंगा नदी में ट्राली बैग के अंदर बहता मिला युवती के शव की पहचान बलिया जिले के पकड़ी थाना क्षेत्र के मुजही गांव निवासी कोमल उर्फ काजल गोंड़ के रूप में हुई है। वह 20 अक्टूबर की रात अपने परिचित भानु प्रताप तिवारी को लैपटाप देने गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी।
उसकी बहन नीतू ने भानु प्रताप पर उसे गायब करने का शक जताते हुए पकड़ी थाने में नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। शव की पहचान के बाद गाजीपुर और बलिया पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। बीते रविवार को मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के हरिवल्लमपुर ग्राम पंचायत के चकतर्फिया गांव के सामने गंगा नदी में मछली पकड़ रहे मछुआरों को एक ट्राली बैग बहता दिखाई दिया था।
उसे किनारे निकालकर खोलने पर अंदर युवती का शव मिला था। उसके गले में रस्सी बंधी थी। पानी में कई दिन रहने से शव सड़-गल चुका था। सिर के बाल और चेहरे की त्वचा नष्ट होने के कारण पहचान करना मुश्किल था। काली जींस, काले छींटदार टाप और ऊंची हील की एक सैंडिल मिला था।
सोमवार की शाम उसकी बहन नीतू ने तहरीर देकर बताया था कि कोमल 20 अक्टूबर की रात करीब नौ बजे अपने मोहल्ले के निवासी भानु प्रताप तिवारी पुत्र सुरेश तिवारी के घर लैपटाप देने गई थी। देर तक नहीं लौटने पर स्वजन ने तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। भानु प्रताप पर बहन को गायब करने की आशंका जताई गई।
तहरीर में कोमल और भानु प्रताप के बीच पहले से संबंध होने की बात भी कही थी। गंगा में शव मिलने की सूचना फैलने पर नीतू ने गाजीपुर के समाजसेवी वीरेंद्र सिंह से संपर्क किया। कपड़ों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान करने पर शव की पहचान कोमल के रूप में हुई। अब पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि कोमल की हत्या कैसे हुई और शव ट्राली बैग में भरकर गंगा में कहां से फेंका गया।
