भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और त्याग का संयोग ही भागवत

जागरण संवाददाता, सादात (गाजीपुर) : नगर स्थित राधा-कृष्ण (ठाकुरद्वारा) मंदिर पर रविवार को सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन सोमवार को काशी से आए कथावाचक शीतल प्रकाश ने भक्तों को भागवत का महत्व बताया। कहा कि भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और त्याग का संयोग ही भागवत है। जब भगवान नारद ने ज्ञान और वैराग्य को सत्संग के माध्यम से जगाया तब भक्ति प्रसन्न हुई।

यह कथा शाम सात से रात 10 बजे तक हो रही है। शीतल प्रकाश ने बताया कि कथा के दूसरे दिन धुन्धकारी का प्रसंग, तीसरे दिन शिव विवाह, चौथे दिन वामन अवतार की कथा, पांचवें दिन श्रीकृष्ण जन्म, छठें दिन रास लीला व कंस वध, सातवें दिन रूक्मणि विवाह और कंस वध की कथा सुनाई जाएगी। आठवें दिन हवन और भंडारा होगा। आयोजक मनोज मद्धेशिया उर्फ पप्पू ने राधाकृष्ण मंदिर परिसर स्थित देवी देवताओं की आरती उतारी। राजू, योगेंद्र गुप्ता, छेदी भारद्वाज, प्रेम, विनोद श्रीवास्तव, उदय कुशवाहा, राजेश जायसवाल, पराग श्रीवास्तव आदि थे।

बच्चों की प्रथम गुरु होती हैं मां

मलसा : सैदाबाद गांव में एक दिवसीय श्रीराम कथा में भागवताचार्य चंद्रेश महाराज ने कहा कि बच्चों की प्रथम गुरु माता होती हैं। माता चाहे तो अपनी संतान को वीर शिवाजी, वंदा वैरागी, महाराणा प्रताप, महात्मा गांधी बना सकती हैं। यद्यपि कोई माता-पिता नहीं चाहते कि उनकी संतान बुरा आचरण वाला हो। यदि समयानुसार कभी दुलार करें तो आवश्यकता पड़ने कठोरता भी। हरिजी वेदांती, कैलाश यादव, अशोक शर्मा और बुच्चा महाराज ने भी कथा अमृत पान कराया। आयोजक पंडित शिवशंकर तिवारी ने आभार ज्ञापित किया।

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