जागरण संवाददाता, गाजीपुर : जिले के 68 केंद्रों पर रविवार को आयोजित टीईटी काफी गहमा-गहमी के बीच संपन्न हुई। परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे पहले ही गेट बंद होने व आनलाइन निकाले गए अंक पत्र प्रमाणित न होने से सैकड़ों अभ्यर्थियों की परीक्षा छूट गई। इससे नाराज अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर रहे डीएम मंगला प्रसाद सिंह व एसपी रामबदन सिंह का वाहन रोक लिया। डीएम से परीक्षा में बैठाने की गुहार लगाई, लेकिन काफी देर होने का हवाला देते हुए उन्होंने इस विषय में कुछ भी न कर पाने की बात कही। इसके बाद हताश-निराश अभ्यर्थी सिस्टम को दोषी ठहराते हुए लौट गए।

कुल 51347 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 से 12.30 बजे तक और दूसरी पाली की परीक्षा 2.30 से पांच बजे तक आयोजित हुई। नियम के अनुसार परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे पहले ही गेट बंद कर दिया गया। इससे हर केंद्र पर 10 से लेकर 100 अभ्यर्थी तक परीक्षा से वंचित हो गए। अभ्यर्थियों का आरोप था कि कहीं-कहीं साढ़े नौ व दो बजे से पहले ही गेट बंद कर दिया गया। कई अभ्यर्थियों को इसलिए घुसने नहीं दिया गया कि उनके पास इंटरनेट से निकाले गए अंक पत्र प्रमाणित नहीं थे या मूल प्रति व आधार कार्ड नहीं था। आरोप है कि लाइन में लगने के बाद भी पीजी कालेज का गेट सुबह की पाली में साढ़े नौ बजते ही बंद कर दिया गया। छोटी-छोटी कमियों के चलते परीक्षा से वंचित अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा और वह डीएम से मिलने के लिए उनके आवास की ओर रूख किए। तभी पता चला कि डीएम अपने आवास के बगल में ही स्थित स्वामी सहजानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय में टीईटी परीक्षा का निरीक्षण कर रहे हैं। अभ्यर्थी वहां पहुंचे और केंद्र से निकल रहे डीएम व एसपी का वाहन रोक लिया। वाहन से बाहर निकले डीएम ने अभ्यर्थियों की बात सुनी और समझाया कि अब परीक्षा शुरू हो चुकी है, इसमें कुछ नहीं किया जा सकता। ------- बाइक की डिक्की खोलने में छूट गई परीक्षा करंडा : स्थानीय गांव स्थित इंटर कालेज करंडा में आयोजित टेट देने पहुंचे लगभग 25 अभ्यर्थी परीक्षा देने से वंचित हो गये। मामूली कमियों जैसे कागजात फोटो स्टेट होना, आधार कार्ड दिखाने में विलंब करना, अंकपत्र पर कालेज की मुहर न होना या परीक्षा केंद्र पर चार-पांच या सात मिनट के देर से पहुंचना आदि के चलते अभ्यर्थियों को अंदर घुसने नहीं दिया गया। परीक्षार्थी अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि मेरा मूल आधार कार्ड बाइक की डिक्की में था, जिसे पुन: जाकर लाने में पांच मिनट की देर हो गई, इसलिए मुझे परीक्षा केंद्र में जाने नहीं दिया गया। परीक्षा देने से रोके गए हताश-निराश परीक्षार्थी सरिता शर्मा, अभिषेक कुमार सिंह,सरोज यादव, अभय सिंह यादव, बबिता कुमारी, सुजीत कुमार यादव, विनोद, राकेश यादव, मिराज अहमद, नीरज पासवान व मोहित सिंह आदिका कहना था कि मामूली कमियों की वजह से हमें परीक्षा देने से रोका गया है।

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