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गाजीपुर से देश की आर्थिक राजधानी मुंबई तक फैला करोड़ों की ठगी का सिंडिकेट, 400 करोड़ का लगाया चूना

By Suryakant TripathiEdited By: Abhishek sharma
Published: Tue, 13 Oct 2026 11:46 AM (IST)

ममतांजलि सर्विस साल्यूशंस ने 3,500 से अधिक निवेशकों से 400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की, जिसका जाल गाजीपुर से मुंबई, ...और पढ़ें

गाजीपुर 400 करोड़ ठगी: ममतांजलि सर्विस का अंतरराज्यीय वित्तीय सिंडिकेट, संतोष यादव गिरफ्तार।

गाजीपुर 400 करोड़ ठगी: ममतांजलि सर्विस का अंतरराज्यीय वित्तीय सिंडिकेट, संतोष यादव गिरफ्तार।

HighLights

  1. ममतांजलि सर्विस ने 3,500+ निवेशकों से 400 करोड़ की ठगी की।

जागरण संवाददाता, गाजीपुर। ममतांजलि सर्विस साल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के जरिए 3,500 से अधिक निवेशकों से 400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के तार केवल गाजीपुर या पूर्वांचल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह देश के कई राज्यों में फैला एक सुव्यवस्थित अंतरराज्यीय वित्तीय सिंडिकेट है।

18.5 प्रतिशत मासिक मुनाफे का झांसा देकर निवेशकों की गाढ़ी कमाई समेटने वाले इस गिरोह ने उत्तर प्रदेश से लेकर देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (महाराष्ट्र), राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली, गुलाबी नगरी जयपुर (राजस्थान) और बिहार तक अपनी गहरी पैठ बना रखी थी। मुख्य आरोपी संतोष यादव के जेल जाने के बाद अब पुलिस की विवेचना का दायरा इन राज्यों में फैले नेटवर्क, संपत्तियों और बेनामी लेन-देन तक विस्तृत हो गया है।

पांच राज्यों तक स्थापित किया था कारपोरेट का ढांचा

कंपनी के आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, इस सिंडिकेट ने देश के प्रमुख व्यापारिक और प्रशासनिक केंद्रों में अपनी शाखाएं स्थापित कर रखी थीं। गिरोह ने लखनऊ मुख्यालय के साथ-साथ मुंबई, नई दिल्ली, जयपुर, कानपुर और वाराणसी में अपने दफ्तर खोलकर एक विशाल कारपोरेट तंत्र खड़ा किया था। मुंबई और दिल्ली जैसे महानगरों में मौजूदगी दिखाकर निवेशकों को यह भरोसा दिलाया गया कि उनकी रकम बड़े राष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स, रियल एस्टेट और रिटेल चेन में लगाई जा रही है। इसी बहुराज्यीय रसूख और विशाल वित्तीय ढांचे के प्रभाव में आकर गाजीपुर, मुहम्मदाबाद और कासिमाबाद के हजारों लोगों ने अपनी करोड़ों रुपये की गाढ़ी कमाई कंपनी के सुपुर्द कर दी।

बिहार में छिपा था मास्टरमाइंड, अंतरराज्यीय संपत्तियों की होगी जांच

गाजीपुर, मुहम्मदाबाद और कासिमाबाद के कार्यालयों पर मई माह में ताला जड़ने के बाद मुख्य कर्ताधर्ता संतोष यादव यूपी की सीमा पार कर बिहार के मुजफ्फरपुर में भूमिगत हो गया था। मुजफ्फरपुर से पकड़े जाने और सीजेएम न्यायालय द्वारा उसे जेल भेजे जाने के बाद अब पुलिस इसके अंतरराज्यीय वित्तीय गठजोड़ की तह तक पहुंच रही है। चूंकि यह पूरा नेटवर्क उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान और महाराष्ट्र तक फैला हुआ है, इसलिए पुलिस टीमें अब अलग-अलग राज्यों में खोले गए बैंक खातों, रियल एस्टेट निवेश और मनी ट्रेल का पूरा ब्योरा खंगालने में जुट गई है।