वाराणसी में वायु सेना दिवस पर एयर शो की तैयारी के लिए तैयार गाजीपुर की अंधऊ हवाई पट्टी पर उतरा हेलीकाप्टर
गाजीपुर की अंधऊ हवाई पट्टी को 8 अक्टूबर को वाराणसी में होने वाले वायु सेना दिवस एयर शो के लिए ...और पढ़ें

गाजीपुर की अंधऊ हवाई पट्टी पर उतरा हेलीकॉप्टर, वाराणसी एयर शो की तैयारी तेज।
HighLights
अंधऊ हवाई पट्टी वाराणसी एयर शो के लिए तैयार।
वायु सेना दिवस 8 अक्टूबर को वाराणसी में होगा।
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बनी थी यह हवाई पट्टी।
जागरण संवाददाता, गाजीपुर। आठ अक्टूबर को वायु सेना दिवस पर वाराणसी में आयोजित होने वाले एयर शो के भव्य कार्यक्रम के लिए जनपद की अंधऊ हवाई पट्टी को तैयार किया गया है। मंगलवार को एक हेलीकाप्टर उतरा। भारतीय वायु सेना हर साल 8 अक्टूबर को स्थापना दिवस मनाती है।
इस दिन देश भर के वायु सेना केंद्रों पर परेड व एयर शो आयोजित किए जाते हैं। इसके माध्यम से वायुसेना के विमान अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हैं। इस साल वाराणसी के गंगा घाट पर आयोजन की तैयारी है। वाराणसी के कार्यक्रम के दृष्टिगत गाजीपुर के अंधऊ हवाई पट्टी को भी एयर शो के दौरान विमानों को उतारने के लायक बनाया गया है।
द्वितीय विश्व युद्ध के समय बनी थी हवाई पट्टी
जनपद के अंधऊ व शहबाजकुली में हवाई पट्टी भारतीय रक्षा संपदा विभाग की भूमि पर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 1941-42 में बनी थी। इस हवाई पट्टी का उद्देश्य आपातकालीन लैंडिंग के लिए था।वर्तमान में 63 एकड़ में हवाई पट्टी है, जिसका इस्तेमाल छोटे प्लेनों को उतराने में किया जा सकता है। शेष बची 272.25 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण कर लोग मकान बनवा लिए हैं या फिर खेती कर रहे हैं।
अंधऊ हवाई पट्टी गाजीपुर-मऊ रोड पर स्थित है। हवाई पट्टी में 4,800 फीट (1,463 मीटर) का डामर रनवे हैं। 1.95 मीटर का रवने होने से बड़ा प्लेन नहीं उतर सकता है।अंधऊ व शहबाजकुली हवाई पट्टी की कुल जमीन 507.72 एकड़ है।
मंत्री कैलाश यादव का पार्थिव शरीर लेकर उतरा था प्लेन
दस फरवरी 2016 में सपा शासनकाल में पंचायती राजमंत्री कैलाश यादव के निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर प्लेन से हवाई पट्टी पर आया था। इसके कुछ ही देर बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का प्लेन उतरा था।
