युवा पीढ़ी को अपने संस्कारों को आत्मसात करे

जागरण संवाददाता, लौवाडीह(गाजीपुर): सहरमडीह के किनवार कीर्ति स्तंभ पर पर आयोजित किनवार वंश सम्मान संगोष्ठी के मुख्य वक्ता वरिष्ठ संपादक के एन राय ने कहा कि युगों युगों से ब्रह्मर्षि समाज ने संपूर्ण राष्ट्र के जागरण का कार्य किया है। आज के संक्रमण काल में हमारा ये दायित्व हमारी परीक्षा ले रहा है। इसमें सफल होना युगीन दायित्व है। हमें अन्नदाता कहा जाता है। 1947 से अब तक में आबादी का गुणात्मक परिवर्तन अन्न के क्षेत्र में पैदावार को तदनुरूप देना किसी चुनौती से कम नहीं है। इसके लिए हमें कृषि को वैज्ञानिक आधार देना पड़ेगा। शौर्य सभ्यता संस्कार ब्रह्मर्षि की त्रिवेणी कहा गया है। युवा पीढ़ी इस संस्कार को आत्मसात कर ले ये समय की मांग है। सेवानिवृत्त लिपिक विनय राय का सम्मान किया गया। राजेन्द्र राय, बेनीमाधव, राय रामभुवन राय, रविकांत उपाध्याय, दुर्गा राय, विमलेश, रविशंकर राय आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता मदन गोपाल राय व संचालन विनोद राय ने किया।मुख्य आयोजक इंजीनियर अरविंद राय ने आभार जताया।

Edited By: Jagran