जागरण संवाददाता, गाजीपुर : मरदह में पुलिस की पिटाई से युवक की मौत की अफवाह पर थाने पर पथराव करने में हिरासत में लिए गए 21 आरोपितों को पुलिस ने सोमवार को जेल भेज दिया। इस पथराव में मरदह के तत्कालीन थानाध्यक्ष विरेंद्र कुमार का सिर फट गया था, वहीं 14 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। मामले में पुलिस ने 68 नामजद सहित 118 लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है। मरदह कस्बे में पीएसी के साथ ही बाहर की फोर्स तैनात की गई है। यहां 24 घंटे पुलिस गश्त कर रही है। इससे कस्बावासी डरे-सहमे हैं। उधर, पुलिस मामले की विवेचना में लगी हुई है।

विदित हो कि बीते गुरुवार को कस्बे में रामलीला के दौरान विवाद ने तूल पकड़ लिया और युवकों ने कमेटी के अध्यक्ष व भाजपा नेता शशिप्रकाश सिंह को मारपीट कर घायल कर दिया। इस पर शशिप्रकाश ने पांच के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई थी। पुलिस इन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही थी। इसी बीच शनिवार को किसी ने अफवाह फैला दी थी कि बंटी राजभर की मौत हो गई है। इससे आक्रोशित होकर बड़ी संख्या में लोगों ने थाने पर पथराव कर दिया था। इसमें थानाध्यक्ष सहित दर्जनों की संख्या में पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। उसी दिन रात पुलिस ने दबिश दी और 21 लोगों को हिरासत में ले लिया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने घर के बच्चों व महिलाओं को भी नहीं छोड़ा। इससे कस्बे में तनाव है। घर छोड़कर फरार हैं गांव के अधिकतर युवक

: पुलिसिया कार्रवाई के बाद कस्बे में दहशत इस कदर है कि अधिकतर युवक गांव छोड़ अन्यत्र चले गए हैं। उन्हें भय है कि शनिवार की रात की तरह फिर पुलिस दबिश दे सकती है। घर की महिलाएं, बच्चे-बुजुर्ग भी सहमे हुए हैं।

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