जागरण संवाददाता, भदौरा (गाजीपुर) : नीर निर्मल योजना के तहत बारा व भतौरा गांव में 15 करोड़ रुपये की जलापूर्ति योजना तीन वर्षों से अधूरी पड़ी है। इसके चलते अब तक ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल सका। पेयजल टंकी में 2100 लीटर जल संग्रह करने की क्षमता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त काम बढ़ने के कारण अब शासन से स्वीकृति मिलने के बाद ही शेष कार्य पूरा हो पाएगा।

एक तरफ जहां कोरोना काल में लटकी परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया जा रहा है वहीं, ग्रामीण जलापूर्ति योजना नीर निर्मल के तहत किया जाने वाला कार्य लटक गया है। वर्ष 2018 में काम शुरू हुआ था। पेयजल सप्लाई की तिथि लगातार बढ़ाई जाती रही है। पहले दिसंबर 2019 के अंत, इसके बाद यह अनुमान लगाया गया था कि यह परियोजना नवंबर 2020 तक पूरी हो सकेगी, लेकिन यह सपना पूरा नहीं हो सका।

शासन से स्वीकृत मिलने पर पूरा होगा शेष काम

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि टंकी निर्माण के लिए सर्वे के दौरान गांव के अंदर जमीन मिली थी, लेकिन वह जमीन कम पड़ गई, इसलिए गांव के बाहर टंकी निर्माण कराया गया। इससे 10 किलोमीटर अतिरिक्त पाइप लाइन का काम बढ़ गया। शासन की ओर से रिवाइज स्टीमेट मांगी गई थी। विभाग द्वारा स्टीमेट शासन को भेज दी गई है। अब यह कहा जा रहा है कि शासन से स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू किया जाएगा और यह परियोजना पूरी हो सकेगी।

लगभग 4500 लोगों को देना है कनेक्शन

जल निगम की ओर से क्षेत्र के दो स्थानों पर टंकी एवं सात उच्च प्रवाही ट्यूबवेल लगाए गए हैं और मोटर लगाकर लगभग 4500 लोगों को कनेक्शन देकर शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाना है। यह काम गोरखपुर के एजेंसी विध्यवासिनी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस महत्वकांक्षी योजना से गंगा किनारे बसे लोगों को आर्सेनिक का जहर पीने से मुक्ति मिलेगी। नीर निर्मल योजना का 95 फीसदी काम पूरा हो गया है। पाइप लाइन बिछाना, कुछ ट्यूबवेलों में मोटर और कनेक्शन देने का काम शेष है। अतिरिक्त काम बढ़ने के कारण शासन द्वारा रिवाइज स्टीमेट मांगा गया था, जिसे विभाग ने भेज दिया है। शासन से स्वीकृति मिलते ही काम को पूरा कराकर पेयजल आपूर्ति प्रारंभ करा दी जाएगी।

-दिवाकर विक्रम सिंह, जेई जल निगम।

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