जागरण संवाददाता, मुहम्मदाबाद (गाजीपुर) : इसे क्या कहेंगे करोड़ों की सड़क चार माह भी वाहनों का दबाव न झेल पाए और जगह-जगह टूटकर क्षतिग्रस्त हो जाए। बात हो रही है करीब 140 करोड़ रुपये की लागत से मरम्मत की जा रही गाजीपुर से मांझी घाट तक जाने वाली एनएच-31 की।

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से बीते वर्ष गाजीपुर-हाजीपुर एनएच-31 के मांझी घाट तक मरम्मत कार्य के लिए करीब 140 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इसकी जानकारी बलिया सांसद की ओर से दी गई। इसकी जानकारी होने पर लोगों में इस काफी विलंब के बाद बीते अक्टूबर में किसी तरह कार्य शुरू हुआ, लेकिन शुरुआत में ही मरम्मत कार्य पर सवाल ही नहीं उठा बल्कि हालत ऐसी बनी कि पूरी सामग्री को उखाड़ कर दोबारा मरम्मत करनी पड़ी। किसी तरह इलाके के नवापुरा अहिरौली से अष्ट शहीद इंटर कालेज के पास तक करीब चार किलोमीटर से कम दूरी तक सड़क के दो लेयर मरम्मत का कार्य इस वर्ष की शुरुआत में पूर्ण कराकर छोड़ दिया गया। अभी मरम्मत कार्य हुए चार महीने भी पूर्ण नहीं हुए कि नगर के शाहनिन्दा पुलिस चौकी के पास व डाकबंगला मोड़ से पहले पुलिया के पास सड़क टूटकर कर काफी खतरनाक हो गया है। इस जगह पर बाइक सवारों के हमेशा दुर्घटना ग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है। इससे भी खराब स्थिति अहिरौली-नवापुरा के बीच है। वहां टूटी सड़क पर आए दिन बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे है। इस संबंध में लोगों का कहना है कि सड़क मरम्मत के नाम पर मानक का प्रयोग नहीं करने से यह स्थिति बनी हुई है। इससे तो बिना मरम्मत की सड़क ठीक थी। इसकी जांच कराकर कार्रवाई होनी चाहिए।

इस संबंध में प्रोजेक्ट मैनेजर बीके द्विवेदी ने बताया कि अब वह इस प्रोजेक्ट को नहीं देख रहे हैं। एनएच 31 के सहायक अभियंता श्रीराम के मोबाइल पर काल करने पर वह नाट रिचेबल बताता रहा।

Indian T20 League

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

kumbh-mela-2021