जागरण संवाददाता, साहिबाबाद :

कौशांबी में जल, वायु व ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के साथ यातायात प्रबंधन प्लान लागू करने के लिए काम शुरू कर दिया गया है। बीती 10 सितंबर को जिलाधिकारी ने सभी विभागों के साथ बैठक कर जल्द से जल्द राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों और यातायात प्रबंधन प्लान लागू कराने के लिए कहा था। 25 अक्टूबर को एनजीटी में सुनवाई होनी है, जिसमें प्रशासन की ओर से कार्रवाई की रिपोर्ट पेश की जानी है।

कौशांबी अपार्टमेंट्स रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (कारवा) के अध्यक्ष वीके मित्तल ने कौशांबी में प्रदूषण की रोकथाम के लिए एनजीटी में याचिका दायर की थी। एनजीटी के ज्यादातर आदेशों का पालन न करने पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी की ओर से नाराजगी जाहिर करने के बाद प्रशासन ने अब कौशांबी में जल वायु और ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के साथ यातायात प्रबंधन पर भी काम शुरू कर दिया है। वीके मित्तल का कहना है कि प्रशासन की ओर से यशोदा अस्पताल, कौशांबी मेट्रो स्टेशन और कौशांबी डिपो के पास मल्टी लेवल पार्किंग बनाने, डाक्टर बर्मन रोड को चौड़ा कर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने, कौशांबी के अंदर के ट्रैफिक को कम करने, कौशांबी व आनंद विहार से चलने वाले आटो व ई-रिक्शा की संख्या निर्धारित करने, गाजियाबाद के सभी रूटों पर आटो ई-रिक्शा की संख्या निर्धारित कर आटो को कलर कोड देने, कौशांबी डिपो की ज्यादा से ज्यादा डीजल बसों को सीएनजी में प्रवर्तित करने, डिपो की बसों को सौर ऊर्जा मार्ग होते हुए डिपो में लाने, आनंद विहार बार्डर पर बने पुलिस, एमसीडी टोल व प्रीपेड आटो बूथ को हटाने, सड़कों से अतिक्रमण हटवाने की योजना बनाई गई थी। वहीं, नालों में ऐसा उपकरण लगाया जाएगा, जिससे नाले में बहाव ज्यादा होने पर कौशांबी की ओर पानी वापस न आए। वीके मित्तल का कहना है कि वेब सिनेमा तिराहे से भारी वाहन दिल्ली की ओर न जाएं, इसके लिए हाइट बैरियर लगाने का काम प्रशासन की ओर से कराया जा रहा है।

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