शाहनवाज अली, गाजियाबाद

जिले में खाद्य एवं विपणन विभाग व यूपी कोआपरेटिव फेडरेशन लि. (पीसीएफ) के पोर्टल पर पंजीकृत करीब डेढ़ हजार किसानों से 5247 टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। वहीं, क्रय केंद्रों पर गेहूं की बिक्री करने के बाद किसानों के बैंक खातों में करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये से अधिक राशि पहुंच चुकी है।

गेहूं खरीद योजना के तहत एक अप्रैल 2021 से जिले के खाद्य एवं विपणन विभाग के छह व पीसीएफ के नौ क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद की जा रही है। कोरोना संकटकाल में जिले को गेहूं खरीद का इस बार कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है। बता दें कि गत वर्ष 2020 में गेहूं खरीद का 7500 मीट्रिक टन लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इस बार अभी तक उक्त सभी क्रय केंद्रों पर 1409 किसान 5247 टन गेहूं लेकर पहुंचे हैं। इनमें से खाद्य विभाग के छह क्रय केंद्रों पर 604 किसानों ने 2372 टन और पीसीएफ के नौ क्रय केंद्रों पर 805 किसानों ने 2875 टन गेहूं की बिक्री की है।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार एक अप्रैल से चार पांच मई तक कुल 1409 किसानों ने सभी केंद्रों पर 5247 मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की बिक्री की। विभाग का दावा है कि 90 फीसदी से अधिक किसानों के खातों में उनकी गेहूं फसल का निर्धारित मूल्य 19.75 रुपये के हिसाब से करीब करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि पहुंच चुकी है।

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पंचायत चुनाव में बाधित रही थी खरीद

पंचायत चुनाव के चलते गेहूं खरीद योजना कुछ दिन बाधित रही थी। अधिकांश अधिकारियों व क्रय केंद्र प्रभारियों की ड्यूटी प्रशिक्षण व चुनाव में लग जाने के कारण अधिकांश क्रय केंद्र प्रभावित हुए थे। वहीं, कोविड संक्रमण के चलते भी कुछ क्रय केंद्रों पर खरीद योजना पर असर पड़ा। अब प्रशासन चुनाव प्रक्रिया पूर्ण करा चुका है। वहीं, किसान भी गांव की सरकार के बाद गेहूं लेकर क्रय केंद्रों की ओर रुख करने लगे हैं।

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सरकार ने इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 19.75 रुपये प्रति क्विटल निर्धारित किया है जो लागत मूल्य से काफी बेहतर है। क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने वाले किसानों के खाते में दो से तीन दिन के भीतर भुगतान की राशि पहुंचाई जा रही है। कोरोना संकटकाल में किसानों को समय पर फसल का भुगतान मिल रहा है, जो अपने जरूरत के काम आसानी से निपटा रहे हैं। गेहूं खरीद 15 जून तक चलेगी।

- रोली सिंह, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी