जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : नगर निगम की बोर्ड बैठक में शनिवार को एक पार्षद पिस्टल लेकर घुस गया। एक प्रस्ताव पर दूसरे पार्षद से नोकझोक करते वक्त उसकी कमीज ऊपर उठने पर पिस्टल नजर आई। इस पर जमकर हंगामा हुआ। मेयर से आरोपित पार्षद के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। आरोप लगाया कि जानबूझ कर आरोपित ने कमीज ऊपर कर पिस्टल दिखाई। आनन-फानन आरोपित के दल के अन्य पार्षद उनकी पिस्टल को गुपचुप तरीके से बाहर लेकर गए और अपनी कार में रख आए। इस प्रकरण में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगे होने के बावजूद वह पिस्टल को नहीं पकड़ पाए।

नगर निगम बोर्ड बैठक में हथियार के साथ प्रवेश वर्जित है। शनिवार को एक पार्षद पिस्टल कमर में लगाकर बोर्ड बैठक में शामिल हो गया। घंटों की कार्यवाही पूरी हो चुकी थी। बोर्ड बैठक समापन की ओर थी। पार्षदों के बोलने का समय निर्धारित करने के प्रस्ताव पर चर्चा चल रही थी। कांग्रेस पार्षद मनोज चौधरी अपना पक्ष रख रहे थे। तभी पीछे सफारी सूट पहने टीएचए के एक पार्षद ने उन पर टिप्पणी कर दी। इस पर दोनों के बीच शब्दबाण शुरू हो गए। इतने में सफारी सूट पहने पार्षद की कमीज ऊपर हुई और पिस्टल दिखने लगी। कांग्रेस पार्षद मनोज चौधरी ने मेयर से कहा कि सभी पार्षदों की तलाशी ली जाए। एक पार्षद प्रतिबंध के बावजूद पिस्टल लेकर बैठा हुआ है। इतना होते ही हंगामा खड़ा हो गया। प्रस्ताव पर चर्चा छोड़ पूरा मामला पिस्टल पर केंद्रित हो गया। आरोपित पार्षद ने हंगामा खड़ा होने पर अपने दल के दूसरे पार्षद के हाथों पिस्टल बाहर कार में रखवा दी। इस मामले में पार्षद मनोज चौधरी ने मेयर से आरोपित पार्षद पर कार्रवाई की मांग की है।

चेकिग के बाद निगम में मिलेगा प्रवेश

नगर निगम के गेट पर पुलिस पिकेट बनाई जाएगी। उसमें पुलिस कर्मचारी तैनात रहेंगे। चेकिग के बाद ही वह लोगों को निगम मुख्यालय की बिल्डिग में प्रवेश करने देंगे। बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव पारित हो गया।

Posted By: Jagran

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