'हम भी पहनेंगे इंडिया टीम की जर्सी', वैभव सूर्यवंशी की टीम में एंट्री पर बोले युवा क्रिकेटर
वैभव सूर्यवंशी ने 15 साल की उम्र में भारतीय सीनियर टी-20 टीम में जगह बनाकर सचिन तेंदुलकर का 37 साल ...और पढ़ें

वैभव सूर्यवंशी (फाइल फोटो)
HighLights
वैभव सूर्यवंशी ने 15 साल में तोड़ा सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड।
गाजियाबाद के युवा क्रिकेटरों को मिली टीम इंडिया में जाने की प्रेरणा।
वैभव के चयन से क्रिकेट अकादमियों में प्रवेश बढ़े।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। 15 साल की उम्र में भारतीय सीनियर टी-20 टीम में जगह बनाकर वैभव सूर्यवंशी ने क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना रिकार्ड तोड़ा है।
इंग्लैंड, आयरलैंड दौरे के लिए उनके चयन ने गाजियाबाद की क्रिकेट अकादमियों में जोश भर दिया है। यहां प्रैक्टिस कर रहे युवा खिलाड़ी अब वैभव को अपना आदर्श मानकर टीम इंडिया का सपना बुनने लगे हैं। इसी को लेकर क्रिकेट के अभ्यास में जुटे खिलाड़ियों को वैभव के चयन ने उनके सपनों को उड़ान दी है।
पहले लगता था कि आइपीएल खेल लो वही बड़ी बात है। पर वैभव ने आइपीएल में प्रदर्शन के बूते सीधे सीनियर टीम का दरवाजा खटखटा दिया। उनके वीडियो देखकर मैंने अपना बैटिंग स्टांस बदला है।
- आर्यव्रत, युवा क्रिकेटर
वैभव भैया टीम इंडिया में आ गए तो यकीन ही नहीं हुआ। हम तो सोचते थे 25-26 की उम्र से पहले मौका नहीं मिलता। उन्होंने साबित कर दिया कि उम्र सिर्फ नंबर है। अब नेट्स पर हर गेंद पर शत प्रतिशत देने का प्रयास करुंगा।
-आकाश, युवा क्रिकेटर
वैभव ने दिखाया कि टैलेंट और मेहनत हो तो कोई रोक नहीं सकता। मैं रोज 6 घंटे प्रैक्टिस करता हूं। उनके चयन के बाद पापा ने भी सपोर्ट बढ़ाया है। वैभव ने हमारी सोच ही बदल दी।
- आदित्य, युवा क्रिकेटर
वैभव और हमारी उम्र में ज्यादा फर्क नहीं है। अपने खेल की बदौलत कम उम्र में वह देश के लिए खेल सकते हैं तो हम भी बेहतर खेल की बदौलत टीम इंडिया में शामिल हो सकते हैं। इसके लिए कड़ी मेहनत करेंगे।
- अनमोल, युवा क्रिकेटर
अभिभावक 17-18 साल के बाद बच्चों को खेल से हटा देते थे। वैभव के आइपीएल में आने के बाद बच्चों के एडमिशन के लिए आवेदन बढ़ गए हैं। अब सबको लगता है कि टैलेंट है तो मौका जल्दी मिलेगा। हम भी फिटनेस और मेंटल ट्रेनिंग पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं। छोटे शहरों के बच्चों को भरोसा मिला है कि प्रतिभा, मेहनत और समर्पण हो तो 15 की उम्र में भी तिरंगा सीने से लग सकता है।
-प्रिया, क्रिकेट प्रशिक्षक
