जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट (आइएससी) 12वीं में 98 फीसद अंक प्राप्त कर तीन छात्र जिले में संयुक्त टॉपर बने। एक छात्र व एक छात्रा आइआइटी से इंजीनियरिग करना चाहते हैं तो एक छात्रा सिविल सेवा की तैयारी करना चाहती हैं। आइआइटी से इंजीनियरिग करना चाहती हैं श्रद्धा

होली चाइल्ड स्कूल की छात्रा श्रद्धा 98 फीसद अंक प्राप्त कर जिले में पहले स्थान पर रहीं। उन्हें भौतिक विज्ञान में 98, रसायन विज्ञान में 96, गणित में 100 व अंग्रेजी में 98 अंक प्राप्त किया। श्रद्धा आगे की पढ़ाई की तैयारी में जुट गई हैं। वह आइआइटी से इंजीनियरिग की करना चाहती हैं। श्रद्धा ने बताया कि उनके पिता आर महादेवन और मां हेमा महादेवन मूलरूप से तमिलनाडु के हैं और पिछले कई वर्षों से राकेश मार्ग पर रहते हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय होली चाइल्ड स्कूल में अंग्रेजी की शिक्षिका चाची ऊषा चंदन को दिया है। एक बार पढ़ने के बाद नहीं किया रिवीजन

श्रद्धा ने बताया कि जो भी पढ़ाई करती थी , पूरी तरह ध्यान लगाकर । इसके बाद दोबारा उस विषय को रिवीजन करने की जरूरत नहीं पड़ती थी। पढ़ाई का कोई समय निर्धारित नहीं था। कुछ देर पढ़ने के बाद कुछ पल आराम करतीं थीं । उन्हें अंग्रेजी संगीत सुनना और अंग्रेजी नावेल पढ़ना पसंद है। उनके पास मोबाइल नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर बड़ी बहन का फोन इस्तेमाल करती हैं। कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिग करना है लक्ष्य

98 फीसद अंक हासिल करने वाले सेंट जोजेफ एकेडमी के कौशिक भट्ट आइआइटी से इंजीनियरिग करना चाहते हैं। उनके पिता हरीश चंद्र भट निजी कंपनी में काम करते हैं और माता नीमा भट गृहणी हैं। नंदग्राम के फ्री होल्ड कालोनी में रहने वाले कौशिक बताते हैं कि वह स्कूल के बाद पांच से छह घंटे पढ़ाई करते थे और पिछले पेपर को ध्यान में रखते हुए परीक्षा की तैयारी की। मोबाइल और सोशल मीडिया पर ज्यादा समय नहीं बिताते थे। कौशिक को क्रिकेट खेलने का शौक है, लेकिन इसके लिए वह सप्ताह में दो दिन में एक-एक घंटा ही निकाल पाते थे। उन्होंने गणित व भौतिक विज्ञान में 99 - 99, रसायन विज्ञान, अंग्रेजी व कंप्यूटर में 97-97 अंक प्राप्त किया।

---------- सिविल सेवा की तैयारी करना चाहती हैं इशिका सिघल

सेंट पॉल एकेडमी की छात्रा इशिका सिघल ने साइंस स्ट्रीम में 98 फीसद अंक हासिल किये। इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता के अलावा स्कूल शिक्षकों को दिया। उन्होंने 10वीं में भी 97.4 फीसद अंक हासिल कर स्कूल टॉप किया था। इशिका ने गणित में 100, हिदी में 96, भौतिक में 99, रसायन विज्ञान में 89 व अंग्रेजी में 97 अंक हासिल किए। वह आइएएस बनना चाहती हैं। पिता पवन कुमार सिघल सीबीआइ में हैं और माता मघु गुप्ता एक गृहणी हैं। इशिका का कहना है कि टाइमिग नहीं बल्कि क्वालिटी स्टडी पर ध्यान देते हुए पढ़ाई की। अधिक तनाव लेकर पढ़ाई करना सफलता में बाधक बनता है। बोर्ड परीक्षा के दौरान भी कोई विशेष टाइम टेबल नहीं बनाया। कक्षा में शिक्षकों द्वारा पढ़ाने के आधार पर ही लक्ष्य हासिल किया। वह बोर्ड परीक्षा में सोशल मीडिया दूर रहीं। स्कूल की स्टाफ सेक्रेट्री अंशु दीक्षित का कहना है कि उम्मीद थी कि स्कूल के छात्र-छात्राएं बेहतर अंकों के साथ खुद को साबित करेंगे। - पढ़ाई के साथ डांस में भी अव्वल

इशिका पढ़ाई के साथ ही स्कूलों में आयोजित होने वाली प्रतियोगिता में भाग लेती थीं। डांस प्रतियोगिता में भाग लेते हुए वर्ष 2018 में डांसिग स्टार का खिताब भी स्कूल से हासिल कर चुकीं हैं। उन्हें बैडमिटन खेलना भी बहुत पसंद है। वहीं दंगल फिल्म को बेटियों को बढ़ावा देनी वाली बताती है।

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Posted By: Jagran

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