जासं, गाजियाबाद: साइबर सेल ने केवाइसी पूरी करने व क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाने के नाम पर एक हजार लोगों से करीब 50 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। ठगों को फर्जी दस्तावेज पर सिम चालू कर देने वाले टेलीकाम कंपनियों के दो एजेंट गिरफ्तार किए गए हैं। ठगों ने दिल्ली के मवाना में काल सेंटर खोल रखा है। पुलिस ने वहां भी दबिश दी थी, लेकिन आरोपित फरार हो चुके थे। यहां से कई लोगों का डाटा मिला है। एक सिम के मिलते थे ढाई हजार रुपये : सीओ साइबर अभय कुमार मिश्र ने बताया कि अलीगढ़ के बड़ागांव अकबरपुर निवासी राहुल कुमार व बहमती गांव निवासी पुष्पेंद्र को गिरफ्तार किया गया है। दोनों नामी कंपनियों में एजेंट हैं, जो ठगों को सिम चालू कर देते हैं। इन्हें ढाई हजार रुपये एक सिम के हिसाब से मिलते हैं। रुपये के लालच में आरोपित कई नंबर अपनी आइडी पर दे चुके हैं। गाजियाबाद में हुई दो लोगों से ठगी का पैसा जिन खातों में गया है, वे इन्हीं दोनों की आइडी पर जारी हुए नंबरों पर खोले गए हैं। एक लाख उपभोक्ताओं का डाटा मिला : साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि मवाना में ठगों के काल सेंटर से एक लाख लोगों का डाटा मिला है। आरोपित सीरियल नंबर के आधार पर फोन करते थे और खुद को एसबीआइ से बताते थे। 100 में से एक व्यक्ति ठगों के चंगुल में फंस जाता था, जिसके फोन में क्विक सपोर्ट और एनीडेस्क रिमोट कंट्रोल एप डाउनलोड कराकर फोन हैक करते थे। इसके बाद डेबिट व क्रेडिट कार्ड से ट्रांजेक्शन कर लेते थे। केवाइसी पूरी करने के नाम पर मसूरी के व्यक्ति 21 हजार रुपये और मोदीनगर के व्यक्ति के क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाने के नाम पर 63 हजार रुपये ठग लिए थे। इन रुपयों से तुरंत तीन मोबाइल भी खरीद लिए थे। ट्रांजेक्शन को ट्रेस कर पुलिस आरोपितों तक पहुंची।

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