जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : नगर निगम ने स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 के तहत इस बार कचरा मुक्त शहर के मुकाबले में सेवन स्टार रेटिग का दावा किया है। रविवार को केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा नामित टीम ने इस दावे की हकीकत जानने के लिए निगम के पांचों जोन में अलग-अलग स्थानों का निरीक्षण किया। कहीं सड़कों, तो कुछ जगह पार्कों की सफाई व्यवस्था देखी। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था को परखा।

टीम ने व्यावसायिक क्षेत्र की कैटेगरी में रविवार को राजनगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर (आरडीसी) का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां लगे कूड़ेदानों को गौर से देखा। कुछ कूड़ेदान भरे हुए थे। दुकानों और शोरूमों के आसपास की सफाई देखी। नेहरूनगर द्वितीय में टीम ने पार्क के रखरखाव पर नजर डाली। वहां की सफाई व्यवस्था को देखा। आवासीय क्षेत्र की कैटेगरी में उन्होंने शास्त्रीनगर का दौरा किया। यहां सड़कों और घरों के आसपास स्वच्छता की हकीकत जानी। साथ ही लोगों से बात कर कूड़ा कलेक्शन के बारे में जाना। निगम ने सौ फीसद घरों से कूड़ा कलेक्शन का दावा किया है। टीम ने यही जानने का प्रयास किया कि वाकई निगम की गाड़ियों सभी घरों से कूड़ा लेकर जाती हैं या नहीं। मोरटी स्थित कूड़ा निस्तारण स्थल को भी देखा। निगम ने वहां साइंटिफिक तरीके से कूड़ा निस्तारण का दावा किया था। इसके अलावा टीम मोहननगर, वसुंधरा और वैशाली पहुंची। हर जगह अलग-अलग कैटेगरी के हिसाब से निरीक्षण किया गया। यह टीम कई दिनों तक शहर में रहेगी। वार्डों में जाकर सफाई देखेगी। इसके अलावा मलबा निस्तारण, नाइट स्वीपिग, स्त्रोत पर गीला और सूखा कूड़ा अलग करने समेत कई व्यवस्थाओं को देखेगी।

वोटिग करा रहे कर्मचारी

नगर निगम कर्मचारी शहर के लोगों के बीच जाकर स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए वोटिग करा रहे हैं। निगम सभागार में रविवार को कंप्यूटर ऑपरेटरों को वोटिग और फीडबैक की ट्रेनिग दी गई। उन्हें प्रतिदिन 250 लोगों से वोटिग कराने का लक्ष्य दिया गया है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस