जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की बड़ी प्रतिमा वसुंधरा स्थित अटल चौक पर लगाई जाएगी। नगर निगम बोर्ड ने शनिवार को साहिबाबाद के विधायक सुनील शर्मा के प्रस्ताव पर यहां प्रतिमा लगाने की मंजूरी दे दी है। स्थानीय लोग अपने खर्चे पर इसे लगाएंगे।

वर्ष 1996 में आवास विकास परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. महेश दत्त शर्मा ने वसुंधरा में अटल चौक का नामकरण किया था। क्षेत्र की जनता की मांग पर विधायक ने प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव नगर निगम बोर्ड के समक्ष रखा। मेयर आशा शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार से प्रतिमा लगाने को लेकर राय ली गई थी। वहां से जवाब आया कि अपने खर्चे पर कोई भी मंजूरी लेने के बाद प्रतिमा लगा सकता है। सरकारी धन खर्च करके प्रतिमा नहीं लगाई जा सकती। यह प्रस्ताव बोर्ड बैठक के एजेंडे में नहीं था। इस पर चर्चा करने को लेकर भाजपा के एक पार्षद ने आपत्ति जताई थी। लेकिन, बहुमत होने के कारण प्रस्ताव को बोर्ड बैठक का हिस्सा मानते हुए मंजूरी प्रदान की गई।

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फर्जी एनओसी से कब्जा ली निगम की अरबों की जमीन, होगी जांच

राजनगर एक्सटेंशन, पसौंडा, एनएच-9, क्रॉसिग रिपब्लिक समेत कई स्थानों पर बिल्डरों ने ग्रुप हाउसिग सोसायटी बनाई हैं। कई अभी निर्माणाधीन हैं। सोसायटी बनाने के बीच आ रही नगर निगम की जमीन का बिल्डरों ने उपयोग कर लिया था। इस शर्त के साथ कि उसके बदले में सड़क किनारे जमीन छोड़कर निगम को सौंप दी जाएगी। निगम बोर्ड बैठक में पार्षदों ने आरोप लगाया कि बिल्डरों ने अरबों रुपये की जमीन निगम को नहीं लौटाई है। उनका आरोप है कि 50 से ज्यादा ऐसे बिल्डर हैं। इस मामले में जीडीए पर गंभीर आरोप लगाए गए। पार्षदों ने कहा कि फर्जी तरीके से निगम की जमीन प्रोजेक्ट में देने के लिए जीडीए ने फर्जी एनओसी लगाई। पार्षदों ने कहा कि इस मामले में जांच कराई जाए। जीडीए से स्पष्टीकरण मांगा जाए। एक अन्य मामले में दूसरे पार्षद ने बताया कि राजनगर एक्सटेंशन की तरफ नंदग्राम क्षेत्र में राजनीतिक प्रशिक्षण की जमीन पर 11 नए मकान बन गए हैं। पार्षद विनोद कसाना ने जीडीए पर भोपुरा में वजीराबाद रोड सात हजार वर्ग मीटर जमीन पर अवैध कब्जा कर नीलामी में लगाने का आरोप लगाया। इन मामलों में संपत्ति प्रभारी एवं अपर नगर आयुक्त आरएन पांडेय से जवाब तलब किया गया। नगर आयुक्त ने कहा कि इन मामलों में जांच कराई जाएगी। -----------

कर्मचारियों को वेतन न मिलने पर हंगामा

कविनगर इलाके में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का काम प्रभावित होने के मामले को पार्षद राजेंद्र त्यागी ने उठाया। बताया कि इस जोन में कूड़ा कलेक्शन गाड़ियां चला रहे 21 चालकों का वेतन नौ माह से नहीं मिला है। अवंतिका में कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों को वेतन न मिलने का मामला उठा। बोर्ड ने तय किया कि 15 दिन में ऐसे जितने कर्मचारी हैं, उनको वेतन दिया जाए।

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ईएसआइ को लेकर हाईकोर्ट में केस

अस्थायी और ठेकेदार के कर्मचारियों को ईएसआइ और पीएफ देने के मामले में पार्षद गंभीर दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को ईएसआइ कार्ड और पीएफ नंबर नहीं दिया गया है। ऐसे में कैसे सुनिश्चित होगा कि कर्मचारियां का पैसा सही तरह से कट रहा है या नहीं? इस प्रश्न पर लेखाधिकारी ने बताया कि ईएसआइ का पैसा कट रहा है। कई बार ईएसआइ के अधिकारियों से कार्ड बनाने के लिए कैंप लगाने को कहा गया। वह नहीं आते। उन्होंने बताया कि इस बारे में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है कि जब ईएसआइ सुविधा नहीं दे रहा तो कटौती किस बात की। कर्मचारियों को मिलेगी शिक्षण सहायता

नगर निगम में अस्थायी सफाई कर्मचारी, माली, इलेक्ट्रिशियन, शिक्षिका, कंप्यूटर ऑपरेटर, जलकल कर्मी का वेतन बढ़ाने के मुद्दे पर कई अलग-अलग प्रस्ताव बोर्ड बैठक के एजेंडे में शामिल किए गए। फिलहाल वेतन वृद्धि पर निर्णय लेने का मामला निगम प्रशासन पर टाल दिया। यह जरूर तय किया कि ऐसे कर्मचारी जिनके दो बच्चे हैं, उनको प्रत्येक दोनों बच्चों के लिए 500-500 रुपये शिक्षण सहायता प्रदान की जाए।

Posted By: Jagran

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