जागरण संवाददाता, गाजियाबाद: बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ग्रेप (ग्रेडेड एक्शन रेस्पास प्लान) लागू है, जिसके तहत अलग-अलग विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि सड़कों से धूल न उड़ने दी जाए, लेकिन गाजियाबाद के अधिकारियों के स्वास्थ्य पर दम घोंटू हवा का असर नहीं हो रहा। शायद यही वजह है कि मुख्य शहर की सड़कों से ही धूल नहीं हटाई गई। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहर तक हर जगह यही हालात हैं। राजनगर एक्सटेंशन के लोग ट्विटर पर बदहाली के फोटो व वीडियो डाल रहे हैं, लेकिन नगर निगम, प्रशासन व अन्य विभागों पर असर नहीं हो रहा।

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- एएलटी आरओबी: एएलटी रेल ओवर ब्रिज की सर्विस लेन से निकलना दूभर है, क्योंकि बारिश में जर्जर हुए मार्ग पर मिट्टी डालकर अधिकारी भूल गए हैं। राजनगर एक्सटेंशन के लाखों लोग रोजाना इसी मार्ग से गुजरकर दिल्ली व मुख्य शहर जाते हैं। मुख्य शहर में कार्यक्रम होने पर सीएम भी हिडन एयरफोर्स स्टेशन पर उतरकर इसी मार्ग से गुजरते हैं। दिन भर उड़ने वाली धूल आरओबी के ऊपर से जाने वाले वाहनों के चालकों को भी परेशान करती है। - शाहपुर मोरटा रोड: मेरठ रोड पर जाकर मिलने वाले रोड पर आधा दर्जन सोसायटी हैं तो वहीं कई शिक्षण संस्थान हैं। जर्जर सड़क से पूरे दिन धूल उड़ती है। इससे रोड किनारे लगे पेड़ों की पत्तियां भी मटमैली हो चुकी हैं। - आरकेजीआइटी: एमएलसी दिनेश गोयल के दोनों इंस्टीट्यूट के बाहर पूरे दिन धूल का गुबार रहता है। जर्जर सड़क पर मिट्टी डलवाकर खानापूरी कर दी गई। धूल उड़ने से छात्र परेशान रहते हैं। - बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र: सड़कों की सफाई नहीं होने के कारण यहां धूल उड़ती है। यही हाल मेरठ रोड औद्योगिक क्षेत्र, विजयनगर, सिहानी रोड, जीटी रोड, - लालकुआं: यहां पूरे दिन वाहनों का दबाव रहता है, बावजूद इसके न तो पानी का छिड़काव होता है और न ही सड़कों की सफाई होती है। - लोहा मंडी: यहां रोजाना हजारों करोड़ रुपये का कारोबार होता है, जिससे सरकार को भारी राजस्व मिलता है। मगर सड़कों की हालत इतनी खराब है कि पूरे दिन फैक्ट्रियों पर धूल की परत बिछ जाती है।

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एएलटी आरओबी की सर्विस लेन राजनगर एक्सटेंशन के निवासियों के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन यहां उड़ रही धूल के कारण टर्न लेने के लिए आगे जाना पड़ता है।

- अंकित गुप्ता, राजनगर रेजिडेंसी प्रदूषण और धूल के कारण मुझे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। शाहपुर मोरटा रोड पर हालात बहुत खराब हैं। अधिकारियों का भी इस पर ध्यान नहीं जाता है।

- प्रणव बनर्जी, मिडोज विस्टा लोहा मंडी की सड़कों से पूरे दिन धूल उड़ती है। बाहर से आने वाले व्यापारी इसे देख हैरान रह जाते हैं। प्रशासनिक अधिकारी आश्वासन देकर पल्ला झाड़ लेते हैं।

- सुरेंद्र तेवतिया, लोहा व्यापारी सभी जिम्मेदार विभागों को पत्र लिखा था। प्रयास कर रहे हैं, लेकिन संसाधनों के अभाव के कारण जरूरत के मुताबिक काम नहीं हो पा रहा।

- उत्सव शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

Edited By: Jagran