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जागरण संवाददाता,मोदीनगर:

तीन दिन पहले तहसील में वकीलों व स्टांप विक्रेता के बीच हुआ विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ जहां वकीलों के एक गुट ने नामजदों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। वहीं, बैनामा लेखक संघ स्टांप विक्रेता के समर्थन में उतर आया। घटना के विरोध में स्टांप विक्रेताओं ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी, जिसके चलते संपत्ति के क्रय विक्रय का काम प्रभावित रहा। शनिवार को कुछ वकीलों व स्टांप विक्रेता बिजेंद्र पक्ष की आपस में मारपीट हो गई थी। वकीलों ने थाने में बिजेंद्र समेत अन्य के खिलाफ जानलेवा हमले सहित अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी। उधर, स्टांप विक्रेता बिजेंद्र की तरफ से भी वकीलों के खिलाफ थाने में शिकायत दी गई। हालांकि, उनकी तरफ से पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पुलिस ने रविवार को एक नामजद को हिरासत में ले लिया। इसके बाद सभी स्टांप विक्रेता व बैनामा लेखक इकट्ठा होकर थाने पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने हिरासत में लिए गए नामजद को थाने से ही छोड़ दिया, जिसके बाद वे शांत हुए। इस पूरे घटनाक्रम से वकीलों का एक गुट नाराज दिखाई दिया। उन्होंने नामजदों की गिरफ्तारी और हिरासत में लिए गए आरोपित को थाने से छोड़ने का पुलिस पर आरोप लगाते हुए तहसील में धरना शुरू कर दिया। उधर, स्टांप विक्रेताओं ने सोमवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी। वे मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए। बैनामा लेखक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी राकेश उपाध्याय ने बताया कि जब तक पुलिस वकीलों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं करती है, तब तक स्टांप विक्रेता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। इसमें बैनामा लेखकों का स्टांप विक्रेताओं को पूरा समर्थन है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने वकीलों के दबाव में आकर एकतरफा कार्रवाई की, जो पूरी तरह गलत है। इसमें पूरी गलती वकीलों की है। इसी के चलते कई वकील भी स्टांप विक्रेताओं के साथ खड़े हैं।

Edited By: Jagran