जासं, गाजियाबाद : मसूरी थाना पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। पुलिस ने वारंटी के नाम वाले ही होर्डिंग कारोबारी के घर पर दबिश दी और कारोबारी के न मिलने पर उनके छोटे भाई को उठा ले गए। आरोप है कि पुलिस ने घर से उठाते ही युवक को पीटना शुरू कर दिया। परिजनों के बार-बार कहने पर भी पुलिस वालों ने नहीं सुना। परिजन पड़ोसियों को लेकर पुलिस के पीछे गए और गांव के बाहर बमुश्किल युवक को छोड़ा। आरोप है कि युवक के पैर पिटाई के कारण सूज गए, जबकि बाईं ओर का कान भी फट गया है।

नाहल निवासी जाहिद ने बताया कि नाहल चौकी प्रभारी अंगद शुक्रवार की रात करीब एक बजे उनके बड़े भाई के घर पहुंचे और कहा कि अशरफ अय्यूब का वारंट है। होर्डिंग कारोबारी अशरफ उस समय घर पर नहीं थे तो पुलिस वाले किराना की दुकान करने वाले उनके भाई तौहीद अय्यूब को लेकर जाने लगे। विरोध पर पुलिस वा नहीं माने और तौहीद को पीटते हुए ले जाने लगे। आरोप है कि पुलिस वाले तौहीद को गांव के बाहर ले जाकर पीटने लगे। पुलिस वाले कह रहे थे कि हमे गुमराह कर रहा है। अपने भाई का पता नहीं बता रहा है। जब गांव वालों के साथ परिजन पहुंचे तो तौहीद को छोड़ दिया गया।

इस संबंध में चौकी प्रभारी से संपर्क नहीं हो पाया। एसएचओ मसूरी ओपी ¨सह ने बताया कि तौहीद ने अशरफ के एक प्लॉट में सोने की बात बताई थी, जहां वह नहीं मिला। इसके बाद भी उसने कुछ बहाने बनाए, जिस कारण शक हुआ और उसे लेकर आए। हालांकि पुलिस को जिसकी तलाश थी, वह उसका भाई नहीं था। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। समझौते का बनाया गया दबाव

शुक्रवार को कविनगर क्षेत्र में गार्ड पर गोली चलाने वाले को पुलिस ने राजनीतिक दबाव में थाने से छोड़ दिया था। वहीं शनिवार को जब पुलिस को अपनी गलत का एहसास हुआ तो अधिकारी लीपापोती में लग गए। जब थाने में पीड़ित की शिकायत नहीं ली गई तो वह धौलाना विधायक मोहम्मद असलम के पास पहुंचे। बाद में पुलिस अधिकारी भी यहां पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने समझौते का दबाव बनाया।

इस तरह के मामले की जानकारी नहीं है। यदि शिकायत दी जाती है तो मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

- उपेंद्र कुमार अग्रवाल, एसएसपी।

Posted By: Jagran

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