जागरण संवाददाता, साहिबाबाद :

इंदिरापुरम की शिप्रा कृष्णा विस्टा सोसायटी में बृहस्पतिवार को पीपल फॉर एनिमल (पीएफए) की टीम कुत्तों का स्टरलाइजेशन व टीकाकरण करने पहुंची। सोसायटी के लोगों ने कहा कि सोसायटी के आठ कुत्तों का स्ट्रलाइजेशन हो चुका है। अन्य कुत्ते बाहर से आएं हैं। इन कुत्तों का टीकाकरण पहले से हुआ है या नहीं इसका डाटा न तो सोसायटी के पास था न ही पीएफए के पास। इस पर लोगों ने बाहर से आए कुत्तों को सोसायटी से हटाने की मांग की। बाद में टीम डाटा न होने से बिना स्टरलाइजेशन व टीकाकरण किए ही चली गई।

शिप्रा कृष्णा विस्टा सोसायटी के पूर्व आरडब्ल्यूए अध्यक्ष अमित अग्रवाल का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के नियमों के तहत कुत्तों को उनके स्थान से हटाकर नहीं लाया जा सकता है। सोसायटी में पहले आठ कुत्ते थे, उनका स्टरलाइजेशन 2017 में ही हुआ था। इसके बाद भी कुत्तों की संख्या दो दर्जन से अधिक कैसे हो गई। कुछ लोग कुत्तों को उनके स्थान से हटाकर सोसायटी में ला रहे हैं। यह भी नियमों को उल्लंघन है। सोसायटी के आठ कुत्तों को रखने के लिए हम तैयार हैं, लेकिन अन्य कुत्तों की स्थान सोसायटी में नहीं है। बुधवार को पीएफए की टीम से भी मांग की गई कि अन्य कुत्तों को सोसायटी से बाहर उनके स्थान पर ले जाया जाए। पीएफए के पास कुत्तों का डाटा नहीं था कि किसका स्ट्रलाइजेशन हुआ है, किसका टीकाकरण करना है। ऐसे में पीएफए की टीम को वापस लौटना पड़ा। पीएफए की टीम ने दोबारा सोसायटी में डाटा के साथ आकर स्ट्रलाइजेशन व टीकाकरण करने की बात कही है। प्रशासन को शनिवार तक का दिया वक्त : शिप्रा कृष्णा विस्टा सोसायटी की रहने वाली प्रिया विष्ट का कहना है कि बुधवार रात सोसायटी से मार्च करते हुए नीति खंड पुलिस चौकी पर पहुंचे सैकड़ों लोगों से नगर निगम व प्रशासनिक अधिकारियों ने कुत्तों की समस्या का समाधान निकालने और सोसायटी में डॉक्टरों की टीम भेजने के लिए 24 घंटे का वक्त मांगा था। शनिवार तक प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन करेंगे। कुत्तों की समस्या पर इंदिरापुरम की 10 से 15 सोसायटी के लोग समर्थन में आए हैं। पार्षद ने कुत्तों पर प्रस्ताव पारित करने की रखी मांग : इंदिरापुरम की शिप्रा सनसिटी के पार्षद संजय सिंह ने नगर निगम अधिकारियों के समक्ष प्रस्ताव रखा है कि पीएफए के साथ अन्य एजेंसियों को भी कुत्तों की देखरेख करने के लिए अधिकृत किया जाए। पालतू कुत्तों की देखभाल उनके स्वामी करते हैं। आवारा कुत्तों के देखभाल की जिम्मेदार नगर निगम की होती है। सोसायटियों के कुछ लोग बाहरी कुत्तों को लाकर खाना खिलाते हैं। एनिमल वेलफेयर बोर्ड के नियमों के तहत किसी की जमीन पर पार्क में कुत्तों को कोई खाना नहीं खिला सकता है। सोसायटी की जमीन वहां के रेजीडेंट्स की होती है। किसी कुत्ते को सोसायटी में लाकर छोड़ने और खाना खिलाने की अनुमति सोसायटी की जनरल बॉडी से ली जानी चाहिए। इस पर पार्षद संजय सिंह ने नगर निगम अधिकारियों को पत्र सौंपकर प्रस्ताव पारित करने की मांग की है।

Posted By: Jagran

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