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गाजियाबाद में NH-9 से औद्योगिक क्षेत्रों की सीधी कनेक्टिविटी, लोगों को जाम से मिलेगी मुक्ति

Published: Thu, 24 Sep 2026 03:36 PM (IST)

गाजियाबाद में एनएच-9 से बुलंदशहर रोड और विजय नगर औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने वाले रैंप का निर्माण कार्य पूरा हो ...और पढ़ें

एनएच-9 से दो औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने का काम पूरा। जागरण

एनएच-9 से दो औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने का काम पूरा। जागरण

HighLights

  1. एनएच-9 से औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने वाले रैंप का काम पूरा।

  2. गाजियाबाद के औद्योगिक विकास और निवेश के अवसरों में वृद्धि।

  3. एनएच-9 पर ट्रैफिक जाम से मिलेगी बड़ी राहत।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। नेशनल हाईवे (एनएच-9) से बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र और विजय नगर औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ने के लिए रैंप बनाने का काम पूरा हो गया है। एनएच-9 से सीधे सर्विस रोड को जोड़ने वाले इन रैंपों के चालू होने से दोनों औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश के अवसर बढ़ेंगे। वहीं एनएच नौ पर जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

लंबे समय से दोनों औद्योगिक क्षेत्रों को एनएच-9 से जोड़ने की मांग की जा रही थी। पहले गलत जगह से एनएच-9 पर भारी वाहनों के प्रवेश करने के कारण जाम की स्थिति बन जाती थी।

एनएच-9 पर जाना पड़ रहा

बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र में 1400 से अधिक और विजय नगर क्षेत्र में 1200 से अधिक औद्योगिक इकाइयां हैं। एनएच-9 का नाम पहले एनएच-24 होता था। उस समय केवल दो लेन का यह हाईवे दोनों औद्योगिक क्षेत्रों से सीधे जुड़ा हुआ था। एनएच-9 बनने के बाद दोनों औद्योगिक क्षेत्रों में सीधा जाना मुश्किल हो गया था और वाहनों को लंबी दूरी तय करके एनएच-9 पर जाना पड़ रहा था।

सीधे सर्विस रोड से जोड़ा

लंबे समय से उद्यमी और यहां काम करने वाले लोग रैंप बनाने की मांग कर रहे थे। एनएचएआइ ने तय समय के भीतर ही लालकुआं और विजयनगर के दोनों रैंपों का निर्माण पूरा कर उन्हें यातायात के लिए खोल दिया। इन दोनों रैंपों को सीधे सर्विस रोड से जोड़ा गया है, जिससे भारी वाहनों और माल वाहकों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के हो सकेगी।

इस निर्माण से गाजियाबाद के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार माल के परिवहन को नई रफ्तार मिलेगी।

पहले क्या थी समस्या

  • एनएच-9 से विजयनगर और लालकुआं की ओर उतरने वाले वाहनों को सीधे सर्विस रोड पर जाने का रास्ता नहीं मिलता था।
  • औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए भारी वाहनों कई किलोमीटर का लंबा चक्कर काटना पड़ता था।
  • लंबे रूट के कारण लालकुआं चौराहे और विजयनगर बाईपास के आसपास रोजाना ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती थी।
  • लंबी दूरी तय करने के कारण वाहन चालकों का समय और ईंधन दोनों अधिक खर्च होते थे।
  • मालवाहक गाड़ियों के जाम में फंसने से उद्योगों तक सामान पहुंचने में देरी होती थी।

रैंप बनने के फायदे

  • एनएच-9 से सीधे सर्विस रोड पर उतरने से वाहनों को लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
  • औद्योगिक क्षेत्रों की ओर जाने वाले भारी वाहनों का सफर आसान हो गया है।
  • लालकुआं और विजयनगर चौराहे पर लगने वाले दैनिक ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
  • स्थानीय निवासियों और नौकरीपेशा लोगों को भी आवागमन के लिए सुरक्षित और सीधा रास्ता मिल गया है।