जागरण संवाददाता, साहिबाबाद : अखबार से कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं फैलता, बल्कि अखबार को छापने में जो इंक प्रयोग की जाती है। वह खुद ऐसे केमिकल से बनती है, जो सैनिटाइजर का काम करती है। अखबार छपने के 24 से 48 घंटे बात तक उस पर संक्रमण या बैक्टीरिया के टिकने की संभावना न के बराबर होती है। अखबार छपने के बाद पूरी सावधानी के साथ कर्मयोगी लोगों के घरों तक पहुंचाते हैं। एक्सपर्ट, डॉक्टर और जागरण की टीम ने बुधवार को वेबिनार के जरिये ट्रांस हिडन के लोगों को जोड़ा और अखबार से संक्रमण फैलने की भ्रांतियां दूर की।

अखबार पढ़ना उतना ही जरूरी है, जितना की घर के लिए दूध, ब्रेड, सब्जी व अन्य सामान जरूरी है। सोशल मीडिया पर चलने वाली खबरें गलत हो सकती हैं, जिससे लोगों में गलत जानकारी का प्रसार हो सकता है, जिसका परिणाम भी घातक हो सकता है। लेकिन दैनिक जागरण अखबार हमेशा सच और पुष्ट खबरें ही प्रकाशित करता है। कोरोना संकट में प्रशासन की ओर से क्या छोटे-बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। उसका लोगों पर क्या प्रभाव पड़ रहा है। इस तरह की हर खबर टेलीविजन पर नहीं आती है। लेकिन अखबार गली मोहल्ले से लेकर विश्व स्तर की छोटी बड़ी सभी खबरें सही देता है। सैनिटाइज होकर आता है अखबार: कोरोना काल में सोशल मीडिया पर अफवाह फैला दी गई कि अखबार से कोरोना वायरस का संक्रमण फैलता है। लोगों के बीच से इन अफवाहों को दूर करने के लिए वेबिनार के जरिये दैनिक जागरण में प्रसार विभाग से जुड़े डीजीएम विद्या भाष्कर ने लोगों को बताया कि अखबार छपने के दौरान सैनिटाइज होता है। मशीन से ही अखबार फोल्ड होता है। अखबार को सुरक्षित पैक किया जाता है। कर्मयोगी (हॉकर) हर रोज सैनिटाइज किए जाते हैं। मास्क व ग्लब्स पहनने के बाद ही कर्मयोगी अखबार लेकर लोगों के घरों तक जाते हैं। वहीं, वेबिनार में जुड़े डॉ. सुनील डागर और इंक एक्सपर्ट जेपी पांडेय ने लोगों के सवालों का जवाब दिया। इंक से नहीं आता बैक्टीरिया व वायरस: अखबार छापने में प्रयोग की जाने वाली इंक में पांच से सात ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो एंटी बैक्टीरियल तत्व होते हैं। जो अपने आप में सैनिटाइजर का काम करते हैं। पेपर इंक को सोखता है। इंक में पाए जाने वाले तत्व और केमिकल अखबार को 24 से 48 घंटे तक वायरस और बैक्टीरिया से फ्री रखता है। वहीं, अखबार को छापने के दौरान भी सैनिटाइज किया जाता है। अखबार को लोगों के घरों तक पहुंचाने में भी पूरी सावधानी बरती जा रही है। ऐसे में संक्रम फैलने का खतरा न के बराबर है।

- जेपी पांडेय, प्रिटिग इंक मैन्यूमैक्चर्र। अखबार पूरी तरह सुरक्षित है:

अखबार पूरी तरह से सुरक्षित है। आज तक विश्व में एक भी व्यक्ति ऐसा सामने नहीं आया है, जिसने यह कहा हो कि उसने अखबार छुआ था, इस वजह से वह संक्रमण की चपेट में आ गया। लोगों को अखबार पढ़ना चाहिए, इसकी वजह से नई-नई जानकारियां मिलती हैं। कोरोना सहित अन्य बीमारियों के उपचार के बारे में भी जानकारी मिलती है। लोग अच्छा खाएं, अपनी इम्यूनिटी बढ़ाएं। नियमित योग, प्राणायाम करें। अभी कोरोना वायरस का संक्रमण और ज्यादा फैलने की आशंका है। सावधानी बरतते हुए सभी सुविधाओं का लाभ लें।

- डॉ. सुनील डागर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, यशोदा अस्पताल, कौशांबी

सोसायटी में अफवाहों की वजह से अखबार बंद कर दिया था। अखबार न आने से स्थानीय खबरें नहीं मिल पा रही हैं। सोसायटी के एओए पदाधिकारियों से अखबार आने देने के लिए बोला है। बृहस्पतिवार से सोसायटी के लोग अखबार लेंगे।

- डॉ. अरुणिमा सिघल, निवासी शिप्रा सनसिटी फेज-1 इंदिरापुरम सोसायटी में अखबार आ रहा है। संक्रमण के डर से अखबार को रख देता था। 24 घंटे बाद अखबार पढ़ता था। एक्सपर्ट, डॉक्टर और दैनिक जागरण की टीम ने साबित किया कि अखबार से संक्रमण नहीं फैलता है। अब अखबार आने के बाद तुरंत पढ़ेंगे न कि 24 घंटे के बाद ।

- आलोक कुमार निवासी गौड़ वलेरियो, इंदिरापुरम मैं दैनिक जागरण का नियमित पाठक हूं। रोजाना अखबार पढ़ने की आदत है। लोगों ने भ्रम फैला दिया कि अखबार से कोरोना वायरस का संक्रमण फैलता है। ऐसे में अखबार मिलने में परेशानी होने लगी। दैनिक जागरण लोगों के भ्रम को दूर कर रहा है। अखबार भी मिलना सुनिश्चित हुआ है।

- आरपी निर्मल, निवासी गौड़ ग्रीन सिटी, इंदिरापुरम सोसायटी में अखबार आने दिया जा रहा है। इसको लेकर कोई परेशानी नहीं है। अखबार पढ़ने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है, जिससे की आसपास की खबरों के साथ ही देश-विदेश की गतिविधियों के बारे में जानकारी हो सके। वेबिनार के माध्यम से जानकारी हुई है कि अखबार से संक्रमण नहीं होता है।

- गिरधर गोपाल, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, ऑलिव काउंटी सोसायटी हमारी सोसायटी में अखबार रोजाना आ रहा है। लोग अखबार पढ़ रहे हैं। इसमें कोई भी परेशानी नहीं है। अखबार के माध्यम से हमारी सोसायटी की समस्याएं भी लगातार प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में आती है, जिसका समय पर समाधान कराया जाता है। इस वजह से सभी लोगों को अखबार पढ़ना चाहिए।

- एके चौबे, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, पार्क एवेन्यू सोसायटी मैं प्रतिदिन अखबार खरीदकर पढ़ता हूं। सोसायटी के लोगों को भी इसके लिए समय-समय पर जागरूक करता हूं। जिससे की जो लोग इंटरनेट पर वायरल फर्जी सूचनाओं को पढ़कर परेशान हों, उनको भी सच का पता चल सके। अखबार की छपाई में इस्तेमाल होने वाली इंक खुद में ही सैनिटाइजर की भूमिका निभाती है। इसलिए संक्रमण का डर नहीं है।

- संदीप गुप्ता, शिखर एंक्लेव सोसायटी निवासी मैं तकनीकी खामी के कारण वेबिनार से नहीं जुड़ सका लेकिन अखबार को लेकर मेरी राय यह है कि इससे कोरोना नहीं होता है। इस वजह से सोसायटी में जो भी लोग अखबार खरीदना चाहते हैं, उनको अखबार खरीदने दिया जा रहा है। अखबार पढ़ने से ही विश्वनीय समाचारो के बारे में जानकारी हो पाती है।

-राहुल तोमर, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, प्रज्ञा कुंज सोसायटी

Posted By: Jagran

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