गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। खोड़ा थाना क्षेत्र में 11 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के दूसरे मामले में विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट हर्षवर्द्धन की अदालत में बुधवार को सुनवाई हुई। पीड़ित बच्ची ने अदालत में उपस्थित होकर बयान दर्ज कराए। सबसे पहले जेल से अदालत में पेश हुए आरोपित नरेंद्र डेरा को पहचाना।

8 फरवरी को होगी अगली सुनवाई

विशेष लोक अभियोजक हरीश कुमार ने बताया कि पीड़िता ने बयान में कहा कि उसके पड़ोस में रहने वाली एक नाबालिग उसे अपनी परिचित नीतू के घर लेकर गई थी। उसके बाद खोड़ा में ही मोबाइल शाप चलाने वाला नरेंद्र डेरा वहां आया। नीतू के घर में नरेंद्र डेरा ने दो बार दुष्कर्म किया था। मामले में अगली सुनवाई आठ फरवरी को होगी।

यह है मामला

खोड़ा थानाक्षेत्र के एक मोहल्ले में 11 वर्षीय बच्ची स्वजन के साथ रहती थी। वह छठीं कक्षा में पढ़ती थी। बच्ची के स्वजन के काम पर जाने के बाद पड़ोस में रहने वाले दो सगे भाई प्रदीप व कल्लू उसके घर पहुंचे जाते थे और दुष्कर्म करते थे। 15 जनवरी 2022 को दोनों ने पहली बार दुष्कर्म किया था।

उसके बाद बार-बार ऐसा करते रहे। दोनों ने चाकू दिखाकर पीड़िता व उसके स्वजन को जान से मारने की धमकी दी थी। इसी कारण पीड़िता ने स्वजन को दुष्कर्म की जानकारी नहीं दी। बच्ची के शरीर में बदलाव दिखा तो गत वर्ष पांच सितंबर को उसकी मां ने गर्भावस्था परीक्षण किट लाकर जांच की। जांच में बच्ची के गर्भवती होने की पुष्टि हुई।

उम्रकैद की सजा पा चुके प्रदीप और कल्लू

इसके बाद उन्होंने पांच सितंबर 2022 को खोड़ा थाने में प्रदीप व कल्लू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इस मामले में प्रदीप व कल्लू को अदालत उम्रकैद की सजा सुना चुकी है। इसी मामले की विवेचना के दौरान पीड़िता ने नरेंद्र डेरा द्वारा दुष्कर्म करने की बात पुलिस को बताई थी।

यह भी पढ़ें- Republic Day Parade: 25 व 26 जनवरी को गाजियाबाद से दिल्ली नहीं जाएंगे व्यावसायिक वाहन, लागू रहेगा डायवर्जन

नाबालिग पड़ोसी उसे अपनी परिचित नीतू के यहां लेकर जाती थी जहां नरेंद्र डेरा दुष्कर्म करता था जिसके बाद पुलिस ने नरेंद्र डेरा, नीतू व एक नाबालिग लड़की को आरोपित बनाया। पुलिस ने इनके खिलाफ बाद में आरोप पत्र पेश किया था। इसीलिए इनकी फाइल सामूहिक दुष्कर्म के मामले से अलग कर सुनवाई की जा रही है।

नरेंद्र डेरा डासना जेल में हैं जबकि नाबालिग लड़की बाल सुधार गृह में हैं। उसकी फाइल पर सुनवाई बाल न्यायालय में चल रही है। नीतू फरार है। अदालत ने उसके वारंट जारी किए हैं। अक्टूबर 2022 में पीड़िता ने एक बच्चे को जन्म दिया था। वर्तमान में बच्चा चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की सुपुर्दगी में है।

यह भी पढ़ें- गाजियाबाद में इंस्टाग्राम इंफ्लूएंसर ने कानून व्यवस्था को बताया धता, 17 हजार के चालान का रील बनाकर उड़ाया मजाक

Edited By: Shyamji Tiwari

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट