गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। मशहूर गायक कैलाश खेर ने अपनी गायकी से लोगों के दिलों पर अलग छाप छोड़ी है। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के सवाल पर उन्होंने चिर परिचित सुफियाना अंदाज में जवाब दिया कि सभी धर्म इंसानियत का पाठ पढ़ाते हैं। दुखियारों की मदद करना हर मजहब सिखाता है ऐसे में अगर परेशानहाल लोगों की मदद के लिए कानून बना है तो इसका स्वागत होना चाहिए।

राजनगर एक्‍सटेंशन में आए थे कैलाश खेर

मूल रूप से मेरठ में जन्में गायक कैलाश खेर रविवार को राजनगर एक्सटेंशन में एक निजी कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि सीएए का किसी स्तर पर विरोध करना सही नहीं है।

सभी धर्म सिखाते हैं इंसानियत का पाठ

सभी धर्म इंसानियत सिखाते हैं। कोई भी मजहब किसी को परेशान करने या दुखियारे की मदद न करने काे नहीं कहता। भारत एक संघ है और यहां सभी धर्माें का सम्मान मिला है। सीएए कानून जिस मकसद के साथ लाया गया है जहां तक मैं समझता हूं उसका उद्देश्य किसी धर्म के लोगों को नुकसान पहुंचाना नहीं है। 

पद्मश्री सम्मान से सम्मानित कैलाश खेर ने इससे पहले बलिया में भी एक कार्यक्रम में दिसंबर, 2019 में नागरिकता संशोधन कानून का सपोर्ट करते हुए बयान दिया था। उन्‍होंने कहा कि विरोध अज्ञानता का परिचय है। इसके अलावा और कुछ भी नहीं है। इसी अज्ञानता का ही लाभ कुछ लोग उठा रहे हैं जिसे देश हित में नहीं बताया। जनता के समर्थन से केंद्र में सरकार बनी है। ऐसे में सरकार का कोई भी निर्णय देश की जनता के खिलाफ नहीं होगा।

बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून का देश भर में विरोध हो रहा है। दिल्‍ली की बात करें तो जामिया मिल्‍लिया इस्‍लामिया यूनिवर्सिटी समेत शाहीन बाग में कई दिनों से प्रदर्शन हो रहा है। लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं। 

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Posted By: Prateek Kumar

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