गाजियाबाद/नोएडा, जागरण संवाददादा। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद समेत प्रदेशभर में बृहस्पतिवार की तरह शुक्रवार को भी प्राथमिक से लेकर माध्यमिक तक के विद्यालय खुले। पहले दिन यानी 1 जुलाई को 50 फीसद उपस्थिति के साथ शिक्षक-शिक्षिकाएं स्कूल पहुंचे और बच्चों को ऑनलाइन कक्षा के माध्यम से पढ़ाई कराई। सरकारी से लेकर निजी स्कूलों में अभिभावक दाखिले की प्रक्रिया के लिए पहुंचे, ताकि बच्चों का समय रहते दाखिला हो सके और वह जल्द से जल्द पढ़ाई शुरू कर सके।

गौरतलब है कि कोरोना की दूसरी लहर के प्रकोप के चलते प्रदेशभर के स्कूलों को 20 मई तक के लिए बंद किया गया था। इसके बाद गर्मियों की छुट्टियों के कारण स्कूल बंद रहे। इस बीच ऑनलाइन कक्षाएं जारी रही।

आरटीई की दाखिले में तेजी की उम्मीद शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत दाखिले के लिए परेशान हो रहे अभिभावकों के लिए अब राहत की उम्मीद जगी है। स्कूल बंद होने के कारण पहली और दूसरी लाटरी में चयनित हुए छात्रों के अभिभावकों को निराश लौटना पड़ता था। जिले में छह माह से बेसिक शिक्षा अधिकारी के नहीं होने के कारण योजनाओं को व्यवस्थित करने में भी कई प्रकार की समस्या आ रही थी। बृहस्पतिवार से जिले में नवनियुक्त बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कार्यभार संभाला है। जुलाई सत्र में स्कूल खुलने से सभी गतिविधियां शुरू हो गई हैं। सेक्टर-12 स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में दाखिले कराने की जानकारी लेने पहुंचे, यह स्थिति अन्य विद्यालयों में भी रही।

जल्द पेश की जाएगी जांच रिपोर्ट

जिले में आरटीई सीट घोटाले के लिए 33 स्कूलों को 28 मई को नोटिस भेजा गया था। इन स्कूलों के निरीक्षण के लिए टीम तैयार की गई थी, जिसे 20 जून तक रिपोर्ट सौंपनी थी। हालांकि अभी तक केवल पांच स्कूलों का ही निरीक्षण हुआ है। इसका एक कारण स्कूलों का बंद होना भी रहा। अब स्कूल खुलने पर निरीक्षण तेजी से किया जाएगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आरटीई घोटाले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा महानिदेशक की तरफ से जिले में पत्र भेजा गया है।

धर्मेन्द्र सक्सेना (बेसिक शिक्षा अधिकारी. गौतमबुद्ध नगर) आरटीई के तहत दाखिले की प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए हर इंतजाम किए जा रहे हैं। शिक्षा संबंधित सभी योजनाओं को समय रहते पूरा कराया जाएगा।

Edited By: Jp Yadav